तन-मन स्‍वस्‍थ रखने को करें योगासन, जानें योग एक्‍सपर्ट सविता यादव से इसका सही तरीका
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तन-मन स्‍वस्‍थ रखने को करें योगासन, जानें योग एक्‍सपर्ट सविता यादव से इसका सही तरीका | health – News in Hindi

आज फेसबुक के लाइव सेशन में हमने सूर्य नमस्कार को करने का स्टेप बाई स्टेप तरीका सीखा. करीब 56 मिनट के इस लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में सर्वांग पुष्टि, सूर्य नमस्कार (Surya Namaskar) से लेकर कई छोटे-छोटे अभ्यासों के बारे में बताया और सिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल पेट, कमर का फैट कम होता है, बल्कि मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है और उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. साथ ही इन व्यायाम को करने से शरीर का लचीलापन भी बढ़ता है और मोटापा घटता है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. शुरुआत में इन अभ्‍यासों को पांच बार करें और बाद में अपने शरीर की क्षमता के अनुसार इसे बढ़ा सकते हैं. तो आइए स्‍वस्‍थ रहने की ओर एक कदम और बढ़ाते हुए योग करें.

सर्वांग पुष्टि आसन
सर्वांग पुष्टि आसन के लिए मैट पर दोनों पैर फैलाकर सीधे खड़े हो जाएं. मुट्ठी इस तरह बंद करें कि अंगूठा दिखाई ना दे. अब दोनों हाथों को नीचे झुकाकर बाएं टखने के पास बायां हाथ नीचे और दायां हाथ कलाई के ऊपर रखें. सांस भरते हुए धीरे-धीरे दोनों हाथों से ऊपर की ओर बाएं कन्धे के बाजू से सिर तक ले जाएं और दाएं टखने की तरफ सांस छोड़े. दाहिना हाथ नीचे और बायां हाथ ऊपर रखें. दोबारा सांस लेकर दोनों हाथों के नीचे से ऊपर दाएं कन्धे तक लाते हुए सिर के ऊपर तक ले जाएं. अब बाईं ओर मुड़ते हुए दोनों हाथों को बाएं कन्धे से नीचे की ओर बाएं टखने तक लाएं. सांस छोड़े, हाथ को बदल-बदलकर बायां नीचे और दाहिना ऊपर रखें. इसे दो बार दोहराएं. हर अंग की चर्बी घटाने के लिए करें ‘सर्वांग पुष्टि आसन’ बेहतरीन है. लेकिन जो लोग लोअर बैक पेन की समस्या से परेशान हैं वे इस आसन को ना करें.

सर्वांग पुष्टि आसन के फायदे

-फैट को कम करता है
-कमर को लचीला बनाता है
-मांसपेशियों को मजबूत बनाता है
-मोटापा कम करता है

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskār ) : सूर्य नमस्कार को सभी योगासनों में सबसे ज्यादा पावरफुल माना जाता है. सूर्य नमस्कार ऐसा योग है जो आपको शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रखता है. पर सूर्य नमस्कार को करने का सही तरीका बहुत कम लोग जानते हैं.

प्रणाम आसन: इस आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने दोनों पंजे जोड़कर अपने आसन मैट के किनारे पर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हाथों को कंधे के समान्तर उठाएं और पूरा वजन दोनों पैरों पर समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं.
हस्ततुन्नासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.
हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.
अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.
पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.
अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.
भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

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सूर्य नमस्कार के फायदे
सूर्य नमस्कार करने से स्ट्रेस दूर होता है, बॉडी डिटॉक्स होती है और मोटापा घटता है. जिन महिलाओं को मासिक धर्म की समस्या है यह उनके लिए काफी लाभकारी होता है. रीढ़ की हड्डी मजबूत होती है.

ये लोग सूर्य नमस्कार न करें
गर्भवती महिलाएं सूर्य नमस्कार ना करें
उच्च रक्ताचाप के मरीजों को सूर्य नमस्कार ना करें.
अगर आपको पीठ का दर्द रहता है तो सूर्य नमस्कार करने से पहले स्पेशलिस्ट की सलाह लें.
महिलाएं पीरियड के दौरान सूर्य नमस्कार ना करें.

नौकासन: इस योगासन को करने के लिए सबसे पहले पीठ के बल लेट जाएं. अब अपने दोनों पैरों को एक साथ जोड़ लें और अपने दोनों हाथों को भी शरीर के साथ लगा लें. इसके बाद एक गहरी सांस लें और सांस छोड़ते हुए अपने दोनों हाथों को पैरों कि ओर खींचते हुए अपने पैरों के साथ अपनी छाती को उठाएं. अब एक लंबी और गहरी सांसे लेते हुए आसन को बनाए रखें और फिर सांस छोड़ते हुए विश्राम करें.

नौकासन के फायदे
इस आसन को करने से आपका पाचन तंत्र मजबूत होता है. साथ ही यह पाचन संबंधित रोग जैसे कब्ज, एसिडिटी, गैस आदि से छुटकारा दिलाने में मदद करता है.

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शशकासन
शशकासन को करते वक्त व्यक्ति की खरगोश जैसी आकृति बन जाती है इसीलिए इसे शशकासन कहते हैं. इसे करने के लिए सबसे पहले बैठ जाएं. अब अपने दोनों हाथों को श्वास भरते हुए ऊपर उठा लें. इसके बाद सामने की ओर झुकते हुए दोनों हाथों को आगे समानांतर फैलाते हुए हथेलियां को जमीन पर टिका दें. इसके बाद अपना माथा भी जमीन पर टिका दें.

शशकासन के फायदे
यह आसन पेट, कमर और हिप के फैट को कम करके आंत, यकृत और गुर्दों को मजबूती देता है. इस आसन के नियमित अभ्यास से तनाव, क्रोध, चिड़चिड़ापन आदि भी दूर होते हैं. इस आसन को करने से मन भी शांत रहता है. अगर पेट या सिर संबंधी कोई समस्या हो तो इस आसन को न करें.

शवासन
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.



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