डार्क नेक : जानिए इसके कारण, बचाव के उपाय और इलाज
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डार्क नेक : जानिए इसके कारण, बचाव के उपाय और इलाज

Causes of Dark neck and Preventive tips: हम सभी अपने चेहरे और बालों पर खास ध्यान देते हैं. उन्हें हेल्दी और हैप्पी रखने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते हैं, लेकिन अक्सर शरीर के उस अंग को भूल जाते हैं, जो उन्हें एक साथ रखता है. हमारा मतलब नेक (Neck) यानी गर्दन से. देखभाल की इस कमी के चलते अक्सर गर्दन के आसपास की स्किन का कलर असमान (स्किन कलर से अलग) हो सकता है. कई बार खराब हाईजीन के साथ-साथ कुछ मेडिकल कंडीशंस भी गर्दन के कालेपन का कारण बन सकती हैं. डर्मटोलॉजिस्ट डॉ. माधुरी अग्रवाल (Dr. Madhuri Agarwal) ने गर्दन के कालेपन को रोकने और इसके ट्रीटमेंट के लिए कुछ आसान टिप्स बताए हैं.

अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट पर डॉ. माधुरी ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें वो बता रही हैं, “इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता है कि डार्क नेक (काली गर्दन) परेशान कर सकती है. इससे निपटने के लिए गर्दन के कालेपन का कारण जानना जरूरी है.”

डॉ. माधुरी के अनुसार, डार्क नेक के लिए जिम्मेदार कारण कुछ इस तरह के हैं.

– खराब स्वच्छता (पुअर हाईजीन)

– चिड़चिड़ापन (इर्रिटेशन) और फ्रिक्शन (घर्षण)

– हाई इंसुलिन लेवल

– एकैन्थोसिस निगरिकन्स (त्वचा की परतों के भीतर गहरे, मखमली धब्बे)

– अन्य अंडरलाइंग स्किन की कंडीशंस और कुछ दवाएं

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डर्मटोलॉजिस्ट के अनुसार, इससे पहले कि आप डार्क नेक का इलाज शुरू करें या ट्रीटमेंट सर्च करें, इसके कारणों को समझना जरूरी है. आप गर्दन के आसपास अपनी स्किन को देखकर या अपने डर्मटोलॉजिस्ट से सलाह लेकर ऐसा कर सकते हैं. पहला कदम रोकथाम है. ऐसी आदतों से बचना जरूरी है, जो घर्षण (फ्रिक्शन) या जलन पैदा कर सकती हैं.”

सिचुएशन को और बिगड़ने से रोकने के उपाय 

-अपने आप को अच्छी तरह से और नियमित रूप से साफ करें.

– गर्दन के आगे और पीछे दोनों तरफ सनस्क्रीन लगाएं.

– गर्दन में हाई नेक शर्ट/टर्टल नेक या भारी सामान पहनने से बचें. ये आपकी स्किन के खिलाफ रगड़ या घर्षण पैदा कर सकते हैं.

-अपनी स्किन के साथ ज्यादा कठोर न हो जाएं और गर्दन को नियमित साफ करें और सॉफ्ट तरीके से करें.

-गर्दन पर स्किन फोल्ड से छुटकारा पाने के लिए वेट कम करना भी एक जरूरी फैक्टर है, जो आमतौर पर पहले काले हो जाते हैं.

डार्क नेक ट्रीटमेंट

– ऐसी क्रीम लगाएं जिनमें ग्लाइकोलिक एसिड और रेटिनॉल होता है

– केमिकल पील

– डर्मालिनफ्यूजन प्रॉसेस

– लेजर थेरेपी

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अंत में डॉ. माधुरी ने ये निष्कर्ष निकाला, ”पर्सनली मुझे लगता है कि पहले डायग्नोस होना चाहिए और इलाज बाद में, ये इफेक्टिव एप्रोच है, क्योंकि किसी भी समस्या का सटीक कारण जानने के साथ ही इसका सटीक इलाज भी आता है.”

Tags: Health, Health News, Lifestyle, Tips and Tricks



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