स्लिंग पर स्ट्रैप को ठीक कर लें ताकि हाथ कोहनी से थोड़ा ऊपर रहे, इससे सूजन में कमी आती है.
स्वास्थ्य

जानें किस स्थिति में पहनना चाहिए शोल्डर स्लिंग, इन बातों का रखें ध्यान

स्लिंग पर स्ट्रैप को ठीक कर लें ताकि हाथ कोहनी से थोड़ा ऊपर रहे, इससे सूजन में कमी आती है.

शोल्डर स्लिंग (Shoulder Sling) एक तरह का सपोर्टर है, जिसकी मदद से हाथ (Hand) का मूवमेंट नहीं होता है और यही वजह है कि हाथ को रिकवर होने में मदद मिलती है.



  • Last Updated:
    November 30, 2020, 1:17 PM IST

अक्सर किसी दुर्घटना (Accident) की वजह से गहरी चोट लग जाती है जिस वजह से हड्डियां (Bones) टूट सकती हैं. ऐसे में यदि किसी दुर्घटना में हाथ में चोट लग जाए, तो सारे कार्य करना मुश्किल हो जाता है. myUpchar के अनुसार, हाथ की हड्डियों में लगी चोट को ठीक करने के लिए शोल्डर स्लिंग (Shoulder Sling) पहना जाता है, ताकि हाथ का मूवमेंट ज्यादा न हो पाए और हड्डियां फिर पहले जैसी अवस्था में आ जाए. शोल्डर स्लिंग का उपयोग करने से पहले इस बात की पूरी जानकारी होनी चाहिए कि इसे कब पहनना चाहिए और कब नहीं. तो आइए जानते हैं कि शोल्डर स्लिंग का उपयोग कैसे किया जाता है.

कब पहने शोल्डर स्लिंग

यदि कोई व्यक्ति शोल्डर स्लिंग का इस्तेमाल कर रहा हो, तो उसे तब तक शोल्डर्स स्लिंग हटाना नहीं चाहिए जब तक डॉक्टर उसे हटाने के लिए न कहें. हाथ में चोट लगने पर आराम की जरूरत के हिसाब से भी शोल्डर स्लिंग लगाए जा सकते हैं. दिन में शोल्डर स्लिंग पहनकर रखना चाहिए, लेकिन हाथ धोते समय या व्यायाम करते समय शोल्डर स्लिंग को हटाया जा सकता है.शोल्डर स्लिंग कैसे पहने

शोल्डर स्लिंग एक तरह का सपोर्टर है, जिसकी मदद से हाथ का मूवमेंट नहीं होता है और यही वजह है कि हाथ को रिकवर होने में मदद मिलती है. इसे पहनने के लिए शुरू में किसी प्रोफेशनल की मदद लें. वह सबसे पहले चोटिल हाथ को आगे की तरह झुकाने के लिए कहेंगे, इसके बाद वे इस सपोर्टर को सावधानीपूर्वक पहनाएंगे. इसके बाद कोहनी से हाथ मोड़ लें और हाथ को नाभि के पास ले आएं. अब इस सपोर्टर में कई स्ट्रैप लगे होंगे, जिन्हें उनके सांचे या सॉकेट में फसाना होगा. इनमें से सबसे पहले एक स्ट्रैप को कंधे की ऊपर से बांधना होगा, जबकि इसके बाद दूसरे स्ट्रैप को पीठ से घुमाकर सामने हाथ के पास बांधना होगा. ध्यान रहे, हाथ हमेशा कोहनी की ऊंचाई पर या उसके ऊपर रहना चाहिए. खास बात यह है कि इसे आप अपनी सुविधा के अनुसार एडजस्ट कर सकते हैं.

स्लिंग को निकालने का तरीका

जैसे इसे पहनने में सावधानी की जरूरत होती है वैसे ही निकालने के लिए भी लापरवाही नहीं करनी चाहिए. अक्सर लोग इसे जल्द बाजी में निकाल लगते हैं बल्कि ऐसा नहीं करना चाहिए. सबसे पहले उस स्ट्रैप को खोलें जो पीठ की तरफ से सामने हाथ के पास बंधा है. इसके बाद कंधे की ऊपर से बंधे स्ट्रैप को खोलें. अब हल्का सा आगे की तरफ झुकें और हा​थ को सीधा लटकाएं और सपोर्टर को धीरे से निकाल दें.

शोल्डर स्लिंग को पहनते समय ध्यान रखें यह बातें

  • स्लिंग पर स्ट्रैप को ठीक कर लें ताकि हाथ कोहनी से थोड़ा ऊपर रहे, इससे सूजन में कमी आती है. स्लिंग को थोड़ा ढीला ही रखें, ताकि हाथ के किनारों पर कोई सिकुड़न ना हो इससे हाथों पर घाव हो सकते हैं.
  • हाथ व कंधों को धोते समय स्लिंग को उतार दें.
  • उंगलियों, कलाई और कोहनी के लिए कुछ एक्सरसाइज के बारे में डॉक्टर से जानकारी लें. इन एक्सरसाइज को करने से चोटिल जगह जल्दी ठीक हो सकती है.
  • स्लिंग को पहनने के बाद हाथों व कंधों को आराम मिलता है, ऐसे में यदि बहुत ज्यादा जरूरत हो, तभी इसे निकाले अन्यथा चोट जल्दी ठीक नहीं होगी.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, कंधे की अकड़न (फ्रोजन शोल्डर) पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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