जानिए प्लैंक के फायदे और कितनी तरह से की जा सकती है ये एक्सरसाइज
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जानिए प्लैंक के फायदे और कितनी तरह से की जा सकती है ये एक्सरसाइज

Benefits of Plank Exercise: वैसे तो थोड़ी सी भी एक्सरसाइज शरीर को फायदा पहुंचाने के लिए काफी होती है, लेकिन बेली फैट बर्न करना और उन एब्स को पाना दूसरी रूटीन एक्सरसाइज करने की तुलना में मुश्किल काम है. एक एक्सरसाइज है, जो निश्चित रूप से कोर स्ट्रेंथ को फायदा पहुंचाती है और पेट की चर्बी को कम करती है, वो है प्लैंक (Plank). एक घंटे एक्सरसाइज करने से उतना फैट बर्न नहीं होगा, जितना कुछ मिनट प्लैंक करने से होने लगेगा. असल में प्लैंक वजन घटाने के लिए उन इफेक्टिव एक्सरसाइज में से एक है, जो आपकी बॉडी को अंदर से स्ट्रॉन्ग बनाते हुए शेप में लाती है. इसे आप कहीं भी कर सकते हैं, जिम में या अपने घर में. अपने पेट को फैट फ्री का बनाने के लिए आपके वर्कआउट रूटीन में प्लैंक को कभी भी और कहीं भी जोड़ा जा सकता है.

प्लैंक आपके कोर मसल्स को मज़बूत करने और पेट की अतिरिक्त चर्बी को कम करने का एक बहुत प्रभावी तरीका है. प्लैंक के विभिन्न रूप हैं, जो आपके पेट के अलग-अलग हिस्सों को टारगेट करते हैं. ये अपर बेली, लोअर बेली और साइड्स हो सकते हैं.

बेली फैट कम करने के लिए प्लैंक
प्लैंक करने की सही तकनीक पेट की मसल्स (दोनों अपर और लोअर एब्डॉमिनल मसल्स) पर कॉन्संट्रेट करना है, ताकि मसल्स की एक्टिविटी सबसे ज्यादा कुशलता से काम करे. इससे बहुत जल्दी अच्छे रिजल्ट्स मिलते हैं. इसके अलावा, प्लैंक करते समय आइसोमेट्रिक डॉर्सिफ्लेक्सियन (isometric dorsiflexion) करने से पेट की मसल्स की एक्टिविटी में काफी फायदा होता है. आइसोमेट्रिक डॉर्सिफ्लेक्सियन केवल आपके पैर का यूज करके आपकी बॉडी को प्लैंक पॉजिशन में आगे बढ़ाता है.

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कहां कर सकते हैं प्लैंक
प्लैंक को स्थिर सतह यानी स्टेबल सरफेस जैसे फर्श या प्लेटफॉर्म और अनस्टेबल सरफेस दोनों पर किया जा सकता है. दोनों के बीच अंतर ये है कि इसे फर्श पर करने की तुलना में अनस्टेबल सरफेस पर करते समय बढ़ी हुई कोर एक्टिविटी की ज़रूरत होती है.

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कितनी तरह की प्लैंक? 
इस एक्सरसाइज के कई प्रकार हैं, जैसे फ्रंट प्लैंक, वॉकिंग प्लैंक, रिवर्स प्लैंक, हिप एक्सटेंशन के साथ फ्रंट प्लैंक, साइड प्लैंक और साइड प्लैंक एब्डक्शन. प्लैंक के असंख्य लाभ हैं, लेकिन इन लाभों को पाने के लिए ये ज़रूरी है कि आपका इन्हें सही पोश्चर में करना बहुत ज़रूरी, ताकि आप इस एक्सरसाइज के फायदे लेने की बजाय चोट ना लगवा बैठें.

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