हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है.
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जानिए क्‍यों मनाते हैं विश्व मधुमेह दिवस, ये है इस बार की थीम

हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस के रूप में मनाया जाता है.

World Diabetes Day 2020: ग्रामीण आबादी में शहरी आबादी की तुलना में डायबिटीज के रोगी (Diabetes Patients) कम मिलते हैं. इस बीमारी को रोकने के लिए न केवल जागरूकता बल्कि जीवनशैली (Lifestyle) में बदलाव भी अहम है.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 14, 2020, 7:19 AM IST

World Diabetes Day 2020: मधुमेह यानी डायबिटीज विश्व भर में बड़ी समस्या के रूप में उभरी है. भारतीय युवा आबादी में डायबिटीज के काफी रोगी (Diabetes Patients) हैं और यह संख्या लगातार बढ़ती जा रही है. हर साल डायबिटीज जागरूकता के लिए 14 नवम्बर (14 November) को विश्व डायबिटीज दिवस मनाया जाता है. ग्रामीण आबादी में शहरी आबादी की तुलना में डायबिटीज के रोगी कम मिलते हैं, क्योंकि वहां खान-पान का अंतर आ जाता है. इस बीमारी को रोकने के लिए न केवल जागरूकता बल्कि जीवनशैली में बदलाव भी अहम है. इस साल डायबिटीज डे के लिए थीम नर्सों को रखा गया है. रोगियों को बचाने के लिए नर्सों के योगदान को देखते हुए उन्हें पहचान दिलाने का प्रयास किया गया है. इस बार थीम का नाम ‘The Nurse and Diabetes’ रखा गया है.

विश्व मधुमेह दिवस का इतिहास
वर्ल्ड डायबिटीज डे हर साल 14 नवंबर को सर फ्रेडरिक बैंटिंग के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है, जिन्होंने 1922 में चार्ल्स बेस्ट के साथ इंसुलिन की खोज की. विश्व मधुमेह दिवस 1991 में इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन और विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा इस रोग से बढ़ती चिंताओं के मद्देनजर और इसके प्रति जारूकता फैलाने के लिए मनाया गया था. तब से यह हर साल मनाया जाता है. हर साल इसके लिए अलग-अलग तरह की थीम होती है.

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वर्ल्ड डायबिटीज डे दुनिया का सबसे बड़ा मधुमेह जागरूकता अभियान है, जो 160 से अधिक देशों में 1 बिलियन से अधिक लोगों तक पहुंच रहा है. यह अभियान मधुमेह के महत्व के मुद्दों की ओर दुनिया का ध्यान आकर्षित करता है और मधुमेह को सार्वजनिक और राजनीतिक स्पॉटलाइट में मजबूती से रखता है. वर्ष भर डायबिटीज से जुड़े मुद्दों के लिए यह एक वैश्विक मंच प्रदान करता है. इसके अलावा रोग के खिलाफ ठोस कार्रवाई के महत्व को बढ़ाने का काम भी विश्व मधुमेह दिवस द्वारा होता है.

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इस अभियान को नीले लोगो से दर्शाया गया है जिसे 2007 में लिया गया था. संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पारित होने के बाद इसे अपनाया गया था. यह मधुमेह बीमारी के जवाब में वैश्विक मधुमेह समाज की एकता को दर्शाता है. एक समर्पित विषय के साथ हर साल मधुमेह दिवस अभियान चलता है और डायबिटीज के प्रति जागरूकता ही इस दिवस और अभियान का मुख्य लक्ष्य है.



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