घास और पत्तियों से दूर हो सकता है डेंगू, जानिए कौन-कौन से पौधे काम आते हैं
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घास और पत्तियों से दूर हो सकता है डेंगू, जानिए कौन-कौन से पौधे काम आते हैं | health – News in Hindi

एडीज मच्छर (Aedes Mosquito) के काटने से डेंगू बुखार (Dengue Fever) होता है और उपचार में जरा सी भी देरी या लापरवाही घातक साबित हो सकती है. चूंकि यह बुखार वायरस (Virus) के कारण होता है, इसलिए इसे एंटीबायोटिक दवाओं (Antibiotic Medicines) से ठीक नहीं किया जा सकता. इसे ब्रेकबोन यानी हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं, क्योंकि इस बुखार में दर्द की गंभीरता हड्डियों के टूटने जैसी होती है.

myUpchar के अनुसार इसके लक्षणों में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, मांसपेशियों में दर्द, जोड़ों में दर्द, गंभीर सिरदर्द, मतली, उल्टी, त्वचा का लाल होना और साथ ही जलन महसूस होना आदि हैं. इस बुखार को लेकर परेशानी यह है कि इसके शुरुआती लक्षण हल्के हो सकते हैं, जिसे सामान्य सर्दी या वायरल के लक्षण समझ लेते हैं. कुछ मामलों में यह बुखार गंभीर हो जाता है, जिसमें डीएचएफ यानी डेंगू हमोरेजिक फीवर कहते हैं. यह जानलेवा हो सकता है. इसमें मरीज का ब्लड प्रेशर खतरनाक रूप से कम हो जाता है और मृत्यु तक हो सकती है. डेंगू के उपचार में कुछ प्रकार के पौधों की पत्तियां और घास काफी काम की साबित हो सकती है. इनके इस्तेमाल से डेंगू बुखार के लक्षणों को कम करने में मदद मिल सकती है.

पपीते के पत्तेmyUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला का कहना है कि डेंगू बुखार के प्राकृतिक इलाज के लिए पपीते के पत्ते इस्तेमाल किए जा सकते हैं. इनकी पत्तियों को मसलकर रस निकाल लें और फिर कपड़े की मदद से छानकर शुद्ध रस पिएं. पोषक तत्वों और कार्बनिक यौगिकों के मिश्रण प्लेटलेट की संख्या में बढ़ोतरी करते हैं. विटामिन सी की वजह से इम्यून सिस्टम में सुधार होता है और यह रक्त में मौजूद विषाक्त को बाहर निकालने में मदद करते हैं.

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नीम के पत्ते
नीम के पत्तों और उसके अर्क को पीना डेंगू बुखार में फायदेमंद होता है. इससे ब्लड प्लेटलेट और सफेद रक्त कोशिकाओं में बढ़ोतरी होती है. नीम के पत्तों का रस इम्यून सिस्टम में सुधार कर सकता है.

मेथी के पत्ते
बुखार के साथ-साथ दर्द कम करने में मेथी के पत्ते लाभकारी साबित हो सकते हैं. डेंगू बुखार के लक्षणों को कम करने में मेथी के पत्ते एक लोकप्रिय घरेलू उपचार हैं. यही नहीं यह अच्छी नींद लाने में भी मदद करते हैं.

तुलसी के पत्ते
आयुर्वेदिक चिकित्सा में लंबे समय से डेंगू बुखार के उपचार के लिए तुलसी के पत्तों का सेवन करने की सलाह दी जाती है. तुलसी के पत्तों को काली मिर्च के साथ पानी में उबालें और पी लें. इससे इम्यूनिटी भी बढ़ेगी.

जौ घास
जौ से बनी चाय पिएं या जौ की घास को सीधे खा लें. इसके सेवन से प्लेटलेट की संख्या तेजी से बढ़ेगी. यह रक्त कोशिकाओं के उत्पादन को उत्तेजित कर ब्लड प्लेटलेट की संख्या बढ़ाता है.

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गिलोय
बुखार के लिए नब्बे प्रतिशत आयुर्वेदिक दवाओं में गिलोय का इस्तेमाल एक अनिवार्य घटक के रूप में होता है. लंबे समय से चले आ रही बुखार और रोगों के इलाज में गिलोय का इस्तेमाल किया जाता है. इसकी प्रकृति ज्वरनाशक है जो कि बुखार के लक्षणों को कम करता है. डेंगू बुखार के लक्षणों को दूर करता है और रक्त में प्लेटलेट्स की गिनती बढ़ाता है. गिलोय को तुलसी के पत्ते के साथ सेवन करना ज्यादा फायदेमंद है.

अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, डेंगू क्या है, इसके प्रकार, कारण, लक्षण, बचाव, इलाज और दवा पढ़ें।

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