PCOS के बाद भी महिलाएं हो सकती हैं प्रेग्नेंट, गर्भवती होने के लिए अपनाएं ये उपाय
स्वास्थ्य

गर्भावस्था में बढ़ जाता है यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन का खतरा, जानें इससे कैसे बचें

बारिश का मौसम यूं तो गर्मी से राहत दिलाता है लेकिन इस मौसम में कई बीमारियां और एलर्जी की परेशानी भी साथ आती है. साल के इस मौसम के दौरान संक्रमण (Infection) आम है. बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) को इस मौसम में विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता होती है. गर्भवती महिलाओं को इस मौसम में संक्रमण की चपेट में आने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि इस समय उनका इम्यून सिस्टम (Immune System) कमजोर होता है. इसलिए अन्य लोगों की तुलना में उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की आवश्यकता होती है. संक्रमण और एलर्जी के अलावा, गर्भवती महिलाओं को इस दौरान यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) से बचने की जरूरत होती है.

myUpchar के अनुसार, यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन यानी मूत्र पथ में संक्रमण सूक्ष्मजीवों से होने वाला संक्रमण है. अधिकांश यूटीआई बैक्टीरिया की वजह से होते हैं लेकिन कभी कभी यह फंगस या वायरस के जरिये भी फैलता है. यूटीआई मूत्र मार्ग में कहीं भी हो सकता है. मूत्र मार्ग से मतलब किडनी, मूत्रवाहिनी, मूत्राशय और मूत्रमार्ग आदि से है. यदि महिला गर्भावस्था के छठे सप्ताह से 24वें सप्ताह में है तो उन्हें यूटीआई से पीड़ित होने का खतरा अधिक है. ऐसा इसलिए क्योंकि इस समय यूरिनरी ट्रैक्ट में कई बदलाव हो रहे होते हैं. गर्भाशय मूत्राशय के ऊपर स्थित होता है. जब गर्भाशय बढ़ता है तो इसका बढ़ा हुआ वजन मूत्राशय से मूत्र के निकास को ब्लॉक करता है. यह गर्भावस्था के दौरान यूटीआई का जोखिम बढ़ाता है.

यूटीआई के सामान्य लक्षण पेशाब करते समय दर्द होना है. इसके अलावा महिलाओं में ठंड लगना, बुखार, पसीना, थकान, ऐंठन और पेट के निचले हिस्से में दर्द की समस्या हो सकती है. कभी-कभी पेशाब में खून भी दिखाई दे सकता है. इसके अलावा बार-बार पेशाब आने जैसा महसूस होना भी इस स्थिति का संकेत हो सकता है. इनमें से कोई भी लक्षण दिखने पर डॉक्टर से परामर्श करना चाहिए. अगर इसका इलाज नहीं किया गया तो यह किडनी के संक्रमण का कारण बन सकता है. यह गर्भ में पल रहे शिशु के लिए भी हानिकारक हो सकता है. ऐसा होने पर समय से पहले बच्चा होने की संभावना होती है और बच्चे का वजन भी कम हो सकता है.मानसून में गर्भवती महिला को यूटीआई से बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखना चाहिए-

पेशाब न रोकें

अगर टॉयलेट जाने की इच्छा हो रही हो तो उसे रोके नहीं, तुरंत जाएं. पेशाब को रोककर रखना जोखिम भरा हो सकता है और इससे बैक्टीरिया पनप सकते हैं. इससे यूटीआई का खतरा बढ़ जाता है.

सार्वजनिक शौचालय में जाने से बचें

यदि आप गर्भवती हैं, तो सार्वजनिक शौचालय का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए, क्योंकि इससे बैक्टीरिया का खतरा हो सकता है. अगर किसी स्थिति में जाना भी पड़ गया, तो टॉयलेट सीट को सैनिटाइजर से पोंछना चाहिए. बैक्टीरिया के प्रसार से बचने के लिए पेशाब करने के बाद योनी को पानी से धोएं.

पर्याप्त पानी पिएं

हाइड्रेटेड रहने के लिए बहुत सारा पानी पीना जरूरी है. myUpchar के अनुसार, ज्यादा पानी पीने से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद मिलती है. इसके अलावा कैफीन का सेवन बिल्कुल न करें, क्योंकि ये पेय मूत्राशय में जलन पैदा करते हैं.

पौष्टिक आहार लें

जिंक और विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदार्थ खाएं. इससे इम्यून सिस्टम मजबूत होगा और बैक्टीरिया से लड़ सकेगा. इसके लिए आप स्ट्रॉबेरी, ब्रोकोली, खट्टे फल, स्प्राउट्स, बीज, फलियां और अंडे का सेवन कर सकते हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, प्रेग्नेंसी में यूरिन इन्फेक्शन पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं.सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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