ओवेरियन सिस्ट के कुछ लक्षण पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के समान होते हैं, जैसे अनियमित या माहवारी न होना, मुंहासे और वजन बढ़ना आदि.
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क्या होता है ओवेरियन सिस्ट या अंडाशय में गांठ, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

ओवेरियन सिस्ट के कुछ लक्षण पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के समान होते हैं, जैसे अनियमित या माहवारी न होना, मुंहासे और वजन बढ़ना आदि.

अंडाशय में सिस्ट (Ovarian Cyst) महिलाओं के एक या दोनों अंडाशयों की सतह पर तरल पदार्थ से भरी गांठ है. अंडाशय में सिस्ट के कई लक्षण या संकेत तब तक समझ नहीं आते जब तक कि वह ज्यादा बड़े न हो जाएं.



  • Last Updated:
    November 18, 2020, 6:26 AM IST

यदि किसी महिला के पेट में दर्द (Stomach Ache) या बेचैनी है तो हो सकता है कि यह सामान्य बात न हो. कई बार यह ओवेरियन सिस्ट (Ovarian Cyst) की वजह से हो सकता है. ओवेरियन सिस्ट ओवरी यानी अंडाशय में बनने वाले सिस्ट होते हैं, जो दिखने में किसी छोटी थैली की तरह होते हैं, जिसमें तरल, हवा या अन्य पदार्थ भरा हो सकता है. अंडाशय, महिलाओं की प्रजनन प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है जो कि गर्भाशय के दोनों तरफ निचले पेट में स्थित होता है. ओवेरियन सिस्ट काफी आम हैं और कई महिलाओं में यह समस्या देखने में मिलती है.

देर से नजर आते हैं लक्षण

myUpchar के अनुसार, अंडाशय में सिस्ट महिलाओं के एक या दोनों अंडाशयों की सतह पर तरल पदार्थ से भरी गांठ है. अंडाशय में सिस्ट के कई लक्षण या संकेत तब तक समझ नहीं आते जब तक कि वह ज्यादा बड़े न हो जाएं. बड़े होने पर जो लक्षण नजर आते हैं, उनमें सूजन या अपच, पेट के निचले दाएं या बाएं तरफ दर्द, कमर का आकार बढ़ना, मलत्याग व सेक्स के दौरान दर्द, मतली और उल्टी आदि शामिल है. ओवेरियन सिस्ट के कुछ लक्षण पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम के समान होते हैं, जैसे अनियमित या माहवारी न होना, मुंहासे और वजन बढ़ना आदि. अंडाशय के अधिकांश सिस्ट स्वाभाविक रूप से बिना इलाज के अपने आप ही ठीक हो जाते हैं, लेकिन दुर्लभ मामलों में नियमित जांच के दौरान कैंसर युक्त सिस्ट का भी पता लग सकता है.दो तरह के होते हैं सिस्ट

myUpchar के अनुसार, अंडाशय में सिस्ट दो तरह के होते हैं- फंक्शनल और पैथोलॉजीकल. ज्यादातर मामलों में अंडाशय में सिस्ट फंक्शनल होते हैं जिसका मतलब है कि यह प्राकृतिक रूप से मासिक धर्म के समय होते हैं और इनकी वजह से कोई बीमारी नहीं बनती है. यह रोग मुक्त सिस्ट होते हैं. हालांकि पैथोलॉजिकल सिस्ट भी रोग मुक्त हो सकता है या कुछ मामलों में कैंसर का कारण बन सकता है.

ऐसे होता है निदान और इलाज

डॉक्टर पेल्विक जांच के दौरान अंडाशय में सिस्ट का पता लगा सकते हैं. अंडाशय में सूजन और सिस्ट की पुष्टि के लिए अल्ट्रासाउंड टेस्ट की मदद ली जा सकती है. ये टेस्ट सिस्ट का आकार, उसकी स्थिति और संरचना बताने में मदद करता है. अधिकांश सिस्ट कुछ समय में खुद ही ठीक हो जाते हैं, ऐसे में डॉक्टर तुरंत उपचार शुरू नहीं करते. इसकी बजाए कुछ सप्ताह या महीनों के बाद फिर से अल्ट्रासाउंड कराने की सलाह देते हैं. लेकिन अगर सिस्ट में कोई बदलाव नहीं दिखा या आकार बढ़ा हुआ नजर आया तो वे प्रेगनेंसी टेस्ट करवा सकते हैं ताकि सुनिश्चित हो सके कि महिला गर्भवती तो नहीं है. इसके अलावा हार्मोन टेस्ट भी करवाया जा सकता है. डॉक्टर ओवेरियन कैंसर की जांच के लिए सीए-125 ब्लड टेस्ट का सुझाव दे सकते हैं.

अगर सिस्ट खुद से खत्म नहीं होता या बड़ा हो रहा है, तो सिस्ट को हटाने की प्रक्रिया पर ध्यान दिया जाता है. ऐसे में लेप्रोस्कोपी व लैपरोटोमी की जा सकती है. यदि अंडाशय में बार-बार सिस्ट होते हैं तो डॉक्टर ओव्यूलेशन और नई सिस्ट की ग्रोथ रोकने के लिए गर्भनिरोधक गोलियां लिख सकते हैं. ये दवाइयां अंडाशय के कैंसर का खतरा भी कम कर सकती हैं.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, अंडाशय में गांठ पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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