क्या खुद से कर सकते हैं एक्यूप्रेशर? जानें, किन शारीरिक समस्याओं में नहीं होता अधिक फायदेमंद
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क्या खुद से कर सकते हैं एक्यूप्रेशर? जानें, किन शारीरिक समस्याओं में नहीं होता अधिक फायदेमंद

Benefits and Side Effects of Acupressure: एक्यूप्रेशर एक पारंपरिक चीनी चिकित्सा पद्धति है, जिसमें कई रोगों का इलाज शरीर में मौजूद कुछ प्रेशर प्वाइंट्स या विशिष्ट बिंदु पर दबाव डालकर किया जाता है. आज इलाज के लिए इस तकनीक का इस्तेमाल कई देशों में किया जाने लगा है. यह शरीर में ऊर्जा अवरोधों को मुक्त करने के लिए किया जाता है, जो अनिद्रा (Insomnia) से लेकर मासिक धर्म (Periods) में होने वाली समस्याओं का कारण बनता है. वैसे तो एक्यूप्रेशर (Acupressure) कितना असरदायक होता है, इस पर अभी ज्यादा शोध नहीं किया गया है, लेकिन कुछ अध्ययनों में ये बात सामने आई है कि यह शरीर में होने वाले दर्द, मतली, उल्टी, तनाव, एंग्जायटी, सिरदर्द जैसी समस्याओं में काफी फायदेमंद है.

क्या खुद से किया जा सकता है एक्यूप्रेशर

वेरीवेलहेल्थ में छपी रिपोर्ट के अनुसार, वैसे तो एक्यूप्रेशर एक एक्यूपंक्चर चिकित्सक द्वारा ही करने से अधिक लाभ मिलता है, लेकिन आप घर पर भी इसे खुद से कर सकते हैं. हालांकि, इसे उचित निर्देश के साथ ही करने का प्रयास करना चाहिए. यदि आप प्रेग्नेंट हैं या किसी तरह की कोई शारीरिक समस्या है, तो बेहतर है कि अपने डॉक्टर से बात करके ही इसे करने की कोशिश करें. शरीर में मौजूद एक्यूप्रेशर प्वाइंट पर हाथों या उंगलियों से हल्का दबाव डालते हुए मालिश की जाती है. शरीर में मौजूद खास प्रेशर प्वाइंट्स के बारे में आपको सही जानकारी होनी भी जरूरी है.

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एक्यूप्रेशर के सेहत लाभ

शरीर के एक्यूप्रेशर प्वाइंट पर जब दबाव डाला जाता है, तो इससे एंडॉर्फिन्स हार्मोन रिलीज होते हैं, जो शरीर में मौजूद दर्द से छुटकारा दिलाने वाले एक प्रकार के केमिकल्स होते हैं. ये भी कहा जाता है कि प्रेशर से ऑटोनोमिक नर्वस सिस्टम प्रभावित होती है. यह शरीर में एनर्जी के फ्लो को बढ़ाता है, जिससे कई समस्याओं जैसे मोशन सिकनेस, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द, पीरियड्स में होने वाले ऐंठन, दर्द, उल्टी, मतली आदि में आराम मिलता है. एक्यूप्रेशर के जरिए वजन भी कम किया जा सकता है. जिन लोगों को एंग्जायटी, टेंशन, स्ट्रेस, बेचैनी, हड्डियों और जोड़ों में दर्द, नींद न आने की समस्या, थकान, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन आदि को सुधारता है.

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किन समस्याओं में एक्यूप्रेशर ना करें

  • यदि कोई महिला गर्भवती है, तो उसे बिना डॉक्टर की सलाह के एक्यूप्रेशर नहीं करना चाहिए. प्रेग्नेंसी में पेट, पैरों में कुछ खास प्वांइट्स और कमर पर एक्यूप्रेशर नहीं करना चाहिए.
  • कटे, छिले या जख्म हुए जगहों के आसपास एक्यूप्रेशर नहीं करना चाहिए.
  • यदि आपको वेरिकोज वेन्स (Varicose veins) की समस्या है, तो एक्यूप्रेशर उन जगहों पर ना करें. इस समस्या में एक्यूप्रेशर अधिक फायदेमंद नहीं होता है.
  • यदि आपको शरीर के किसी भी भाग में सूजन है, तो एक्यूप्रेशर नहीं करना चाहिए.
  • ऑस्टियोपोरोसिस, हाल में हुई कोई इंजरी, फ्रैक्चर हुई हो, तो भी इसे करने से बचना चाहिए.
  • कैंसर, ब्लीडिंग डिसऑर्डर, हार्ट डिजीज, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों का उपचार एक्यूप्रेशर पद्धति से नहीं किया जा सकता है. बिना डॉक्टर की सलाह लिए एक्यूप्रेशर टेक्नीक को ना करें ट्राई.

Tags: Health, Health tips, Lifestyle

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