कोविड-19 के मरीजों में हैप्पी हाइपोक्सिया है साइलेंट किलर, बिना लक्षण अचानक मौत
स्वास्थ्य

कोविड-19 के मरीजों में हैप्पी हाइपोक्सिया है साइलेंट किलर, बिना लक्षण अचानक मौत | health – News in Hindi

कोविड-19 के मरीजों में हैप्पी हाइपोक्सिया है साइलेंट किलर (फाइल फोटो)

कोविड-19 के (Covid-19) नए लक्षणों- हैप्पी हाइपोक्सिया (Happy Hypoxia) पर डॉक्टर भी चिंता में हैं, क्योंकि संक्रमण के कारण मरीजों में ऑक्सीजन का सैच्युरेशन लेवल काफी कम हो जाता है और उनमें कोई संकेत भी नही दिख रहे. कोरोना वायरस के इन मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर 70 फीसद भी दिख रहा है और कुछ मामलों में 50 फीसद तक भी दिख रहा है.



  • Last Updated:
    July 16, 2020, 2:23 PM IST

कोरोना वायरस (Covid-19) विश्वभर में अब तक लाखों लोगों को अपनी चपेट में ले चुका है. कोरोना वायरस (Nobal Coronavirus) से मृत्यु का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है. अब सभी लोग सिर्फ इसकी वैक्सीन के इंतजार में हैं, लेकिन वैक्सीन इतनी जल्दी नहीं बनने वाली है. क्योंकि वैक्सीन को कई चरणों से होकर गुजरना पड़ता है. सबसे बड़ी परेशानी यह है कि कोरोना वायरस के लक्षण हर किसी में अलग-अलग नजर आ रहे हैं. कई मरीज ऐसे भी सामने आ रहे हैं जो सामान्य रहते हैं और उनको पता भी नहीं चलता कि उन्हें कोरोना वायरस है और हंसते-बोलते अचानक उनकी मृत्यु हो जाती है. इन मरीजों में वायरस का असर अंदर ही अंदर इतना बढ़ जाता है कि उनका ऑक्सीजन का स्तर अचानक गिर जाता है और मृत्यु हो जाती है. सामान्य तौर पर मरीज में ऑक्सीजन का स्तर गिरने पर सांस लेने में तकलीफ होने लगती है, पसीना आने के साथ ही बोलने में भी तकलीफ होती है. कभी-कभी तो व्यक्ति बेहोश भी हो जाता है. वहीं कोरोना के मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर गिरने के बाद भी पता नहीं चलता और वे सामान्य रूप में होते हुए अचानक से मौत के मुंह में चले जाते हैं. इस समस्या को हैप्पी हाइपोक्सिया या साइलेंट हाइपोक्सेमिया कहा जा रहा है.

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. केएम नाधिर के अनुसार, ऑक्सीजन की कमी होने पर सिरदर्द होना और सांस फूलना जैसी समस्याएं हो जाती हैं. स्थिति गंभीर होने पर हार्ट या मस्तिष्क काम करना बंद कर सकता है.

साइलेंट हाइपोक्सेमियासाइलेंट हाइपोक्सेमिया वह स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के शरीर के किसी अंग तक ऑक्सीजन का पहुंचना एकदम कम हो जाता है. अक्सर पहाड़ी इलाकों पर ऑक्सीजन कम होती है और वहां हाइपोक्सेमिया के थोड़े बहुत लक्षण दिखाई देते हैं और नीचे उतरते ही ये लक्षण कम हो जाते हैं. प्रीमैच्योर बच्चों के जन्म के दौरान भी हाइपोक्सेमिया के लक्षण दिखते हैं. इसका कारण है कि समय से पहले जन्म लेने पर उस समय उनके फेफड़े पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते हैं.

अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है

कोरोना वायरस ऐसा वायरस है, जिसमें मरीज को खतरे का अंदाजा भी नहीं होता है, इसलिए इसे साइलेंट हाइपोक्सेमिया कहा जा रहा है. वैज्ञानिकों के अनुसार, हो सकता है कि कोरोना वायरस शरीर पर हमला कर रहा हो और वह शरीर के किसी अंग को नुकसान पहुंचा रहा हो और इसका मरीज को कोई लक्षण भी ना समझ में आएं और अचानक मरीज की मौत हो जाए.

नए लक्षणों से वैज्ञानिक भी चिंता में

myUpchar से जुड़े एम्स के डॉ. अजय मोहन के अनुसार, कोरोना वायरस मुख्य रूप से श्वसन तंत्र, नाक और गले को प्रभावित करता है. अब नए लक्षणों पर डॉक्टर भी चिंता में हैं, क्योंकि संक्रमण के कारण मरीजों में ऑक्सीजन का सैच्युरेशन लेवल काफी कम हो जाता है और उनमें कोई संकेत भी नही दिख रहे. कोरोना वायरस के इन मरीजों में ऑक्सीजन का स्तर 70 फीसद भी दिख रहा है और कुछ मामलों में 50 फीसद तक भी दिख रहा है.अन्य बीमारियों में ऑक्सीजन का लेवल इतना कम नहीं दिखा. फेफड़ों से संबंधित किसी भी अन्य बीमारी में ऑक्सीजन का यह स्तर कभी नहीं दिखा जो बड़ी ही गंभीर समस्या है. (अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, ऑक्सीजन की कमी क्या है, लक्षण, बचाव और इलाज पढ़ें।) (न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं। सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है। myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं।)

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *