Covid 19 : नैनीताल के भोवाली में एमब्रोसिया फूड फार्म कंपनी कम्पनी कोरोना की दवाई बनाने के काम लगी है. इसके लिए परीक्षण किए जा रहे हैं. इसे नाम दिया गया है कोर्डिसेप्‍स कैप्‍सूल. एम्‍स द्वारा इसके परीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं.
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कोविड-19 के इलाज की एक और दवा का एम्‍स में परीक्षण शुरू

Covid 19 : नैनीताल के भोवाली में एमब्रोसिया फूड फार्म कंपनी कम्पनी कोरोना की दवाई बनाने के काम लगी है. इसके लिए परीक्षण किए जा रहे हैं. इसे नाम दिया गया है कोर्डिसेप्‍स कैप्‍सूल. एम्‍स द्वारा इसके परीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं.

Covid 19 : नैनीताल के भोवाली में एमब्रोसिया फूड फार्म कंपनी कम्पनी कोरोना की दवाई बनाने के काम लगी है. इसके लिए परीक्षण किए जा रहे हैं. इसे नाम दिया गया है कोर्डिसेप्‍स कैप्‍सूल. एम्‍स द्वारा इसके परीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    October 21, 2020, 3:56 PM IST

नई दिल्ली. कोरोना (Covid 19) महामारी की रोकथाम और इसके उपचार के लिए जहां पूरी दुनिया में वैक्‍सीन बनाने का प्रयास युद्धस्‍तर पर चल रहा है, वहीं भारत (India) में भी इस दिशा में तेजी से काम जारी है. साथ ही कोरोना की दवाई बनाने के प्रयास किसानों के लिए भी खुशखबरी लाए हैं, क्‍योंकि यह उन्‍हें रोजगार के अवसर जो मुहैया करा रहा है और यह सब हो रहा है उत्‍तराखंड के नैनीताल में.

दरअसल, नैनीताल के भोवाली में एमब्रोसिया फूड फार्म कंपनी कम्पनी कोरोना की दवाई बनाने के काम लगी है. इसके लिए परीक्षण किए जा रहे हैं. इसे नाम दिया गया है कोर्डिसेप्‍स कैप्‍सूल. एम्‍स द्वारा इसके परीक्षण भी शुरू कर दिए गए हैं. पहले परीक्षण के परिणाम इस महीने के अंत तक मिल जाएंगे. परीक्षणों के लिए नियामक संस्थाओं से स्वीकृति भी ले ली गई है.

कंपनी के प्रबंधक निदेशक गौरवेन्द्र गंगवार बताते हैं कि परीक्षणों के अंतिम परिणाम इसी साल के अंत तक मिल जाएंगे. उनके अनुसार, कोर्डिसेप्स एक औषधीय जड़ीबूटी है, जिसके जरिये कोर्डिसेप्स कैपसूल ईजाद बनाया जा रहा है. यह एक रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाला और वायरल-रोधी कैपसूल है. गंगवार कहते हैं कि इसके उत्पादन के लिए किसानों की सेवाएं ली जा रही हैं, जिससे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा.

एमब्रोसिया फूड फार्म कंपनी के रिसर्च एंड डेवलपमेंट कॉऑर्डिनेशन ऑफ‍िसर विकास विनोद तिवारी ने बताया कि शुरुआती जांच का काम डॉ ओम सिलाकरी के नेतृत्व में पंजाबी विश्वविद्यालय, पटियाला के औषधि निर्माण विज्ञान और औषधि अनुसंधान विभाग द्वारा किया गया था. इस रिसर्च के अच्छे परिणाम निकले, जिसे देखते हुए इस परीक्षण की आवश्यकता महसूस की गई. मेड इनडाईट कम्यूनिकेशन प्रा. लि. ने एक अनुसंधान टीम के साथ मिलकर देश भर में इस परीक्षण की तैयारी शुरू की.



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