वायरस रक्त वाहिकाओं पर भी बुरा असर छोड़ सकता है जो उनके अंदर सूजन पैदा करना और रक्त के थक्के बना सकता है.
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कोरोना वायरस से हार्ट को पहुंच रहा बड़ा नुकसान, हो सकता है ऐसा खतरा

वायरस रक्त वाहिकाओं पर भी बुरा असर छोड़ सकता है जो उनके अंदर सूजन पैदा करना और रक्त के थक्के बना सकता है.

डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोरोना वायरस (Coronavirus) से हृदय (Heart) की मासपेशियों पर बड़ा असर पड़ता है जिससे हृदय संबंधी कई बड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं.

  • News18Hindi

  • Last Updated:
    November 2, 2020, 7:51 AM IST

कोरोना वायरस (Coronavirus) एक जानलेवा बीमारी है. बीते ग्यारह महीने से पूरी दुनिया इसका कुप्रभाव देख रही है. हालांकि इसे एक सांस संबंधी वायरस (Respiratory Virus) के रूप में जाना जाता है लेकिन डॉक्टरों का मानना है कि कोरोना वायरस मानव हृदय (Heart) के लिए बड़ा घातक साबित हो रहा है. डॉक्टरों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोरोना से हृदय की मासपेशियों पर बड़ा असर पड़ता है जिससे हृदय संबंधी कई बड़ी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. शिकागो यूनिवर्सिटी (Chicago University) के डॉक्टर सीन पिन्नी का कहना है कि हार्ट संबंधी बीमारियों से ग्रस्त लोगों में वायरस का अधिक खतरा है जो उनके हृदय को और बड़ा नुकसान पहुंचा सकता है.

डाक्टरों के मुताबिक, वायरस रक्त वाहिकाओं पर भी बुरा असर छोड़ सकता है जो उनके अंदर सूजन पैदा करना और रक्त के थक्के बना सकता है. इस कारण उन्हें हार्ट अटैक भी आ सकता है. आपको बता दें कि कोविड संक्रमितों में खून के थक्के पाए गए हैं. डाक्टरों का कहना है कि कोविड-19 संक्रमितों में इसका बड़ा असर देखने को मिला है. कोरोना संक्रमितों में कोरोना वायरस के कारण उनके फेफड़ों की कार्यक्षमता घट जाती है और इससे हृदय में पर्याप्त ऑक्सीजन की कमी होने लगती है.

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डॉक्टरों का यह भी कहना है कि कभी-कभी यह प्रणालीगत भड़काऊ प्रतिक्रिया सिंड्रोम का भी कारण बनता है जो हृदय की क्षमता को घटाता है जिसके कारण शरीर संक्रमण से लड़ने में कमजोर हो जाता है. लेकिन कोविड-19 संक्रमितों में हदय जटिलताएं भी पाई गई हैं जिनमें कोई बड़ी बीमारी शामिल नहीं हैं. हाल ही में अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी की एक पत्रिका में देखा गया कि कम से कम 25 फीसदी अस्पताल में भर्ती कोरोनो वायरस रोगियों में हृदय संबंधी समस्या पाई गई हैं. अन्य अस्पतालों में इनकी संख्या 30 फीसदी और इससे अधिक है. कुछ अध्ययनों में उन्नत एंजाइम का स्तर और अन्य संकेत देखने को मिले हैं जो हदय के लिए खतरनाक हैं.ये भी पढ़ें – न्यूमोकोकल टीका लगवाते समय इन साइड इफेक्ट का रखें ध्यान

वहीं, एक छोटे अध्ययन में निमोनिया से मरे कुछ कोविड-19 रोगियों के दिलों में वायरस के कुछ सबूत मिले हैं. एक अन्य कॉलेज के चार एथलीटों में हृदय की मांसपेशियों में सूजन पाई गई थी जो हल्के कोविड-19 संक्रमण से उबर चुके थे. एथलीटों के बीमार होने से पहले से उनकी कोई इमेज उपलब्ध नहीं थी. इसलिए यह जानने का कोई मौका नहीं मिल पाया कि क्या उन्हें पहले से कोई हृदय संबंधी समस्या थी. अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी बोर्ड के सदस्य डॉ. टॉम मैडॉक्स ने कहा है कि यह स्पष्ट नहीं है कि वायरस सामान्य हृदय रोग का कारण बन सकता है. अभी इस पर हमें बहुत कुछ जानने और समझने की जरूरत है.



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