कोरोना वायरस के समय अश्वगंधा क्यों बना चर्चा का विषय, ये है सच्चाई
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कोरोना वायरस के समय अश्वगंधा क्यों बना चर्चा का विषय, ये है सच्चाई | health – News in Hindi

भारत में प्राचीन काल से ही आयुर्वेद से हर घातक बीमारी का इलाज संभव है. आयुर्वेद की खूबी यह है कि यह बीमारी को जड़ से मिटाने में मदद करता है. आज कोरोना वायरस विश्वभर की महामारी बनकर खड़ा है, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हैं. वैक्सीन बनाने के लिए विश्व के कई देशों के वैज्ञानिक जुटे हुए हैं. कोरोना वायरस महामारी को दूर करने में सिर्फ एलोपैथी ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद भी काफी हद तक काम आ सकता है.

आईआईटी दिल्ली और जापान में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड इंडस्ट्रियल साइंस एंड टेक्नोलॉजी की रिसर्च के मुताबिक, अश्वगंधा में ऐसे कई प्राकृतिक तत्व हैं, जिनसे कोविड-19 बीमारी से बचाव हो सकता है. अश्वगंधा शरीर को क्षति पहुंचने से बचाता है और इसके एंटीऑक्सीडेंट गुण बीमारी से लड़ने में मदद करते हैं. कोरोना वायरस के अलावा भी अश्वगंधा कई बीमारियों के इलाज में सहायक होता है. आइए जानते हैं अश्वगंधा के गुणों बारे में.

बढ़ाता है बीमारियों से लड़ने की ताकतmyUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्ता शुक्ला के अनुसार, अश्वगंधा में ऐसे तत्व होते हैं, जिससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है, यानी बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है. इस तरह इम्युनिटी बूस्टर का काम करने वाला अश्वगंधा आज कोरोना वायरस जैसी महामारी को हराने में कुछ हद तक काम आ सकता है. हालांकि, अभी इस पर रिसर्च चल रही है. अश्वगंधा के क्लीनिकल ट्रायल से यदि यह साबित हो गया कि इससे कई लोगों को फायदा हुआ है तो निश्चित ही अश्वगंधा से कोरोना की वैक्सीन बनाई जा सकती है.

तनाव को कम करने में सहायक

अश्वगंधा औषधि तनाव को कम करने में काफी कारगर है. इस औषधि के क्लीनिकल ट्रायल में भी यह बात सामने आई है कि जिन लोगों को तनाव से संबंधित परेशानियां हैं, उनके लिए यह जड़ी-बूटी काफी लाभदायक है.

डायबिटीज में फायदेमंद

myUpchar से जुड़े डॉ. लक्ष्मीदत्त शुक्ला के अनुसार, अश्वगंधा शुगर के लेवल को भी कम करने में मदद करता है. अश्वगंधा के सेवन से इंसुलिन के लेवल में सुधार होता है, इसलिए डायबिटीज के रोगियों को अश्वगंधा का सेवन जरूर करना चाहिए, जिससे उनकी डायबिटीज सामान्य होने में मदद मिलेगी.

सूजन या जलन के लिए फायदेमंद

अश्वगंधा से सूजन और जलन की समस्या भी ठीक हो जाती है. अश्वगंधा में एंटी इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर में इम्यून सेल्स को बढ़ाते हैं, जो कई तरह की बीमारियों से बचाने में सहायक होते हैं.

आंखों की रोशनी बढ़ाने में सहायक है अश्वगंधा

महिलाओं में सफेद पानी की वजह से उनका शरीर कमजोर होने लगता है, जिसका असर उनके गर्भाशय पर भी पड़ता है. ऐसी महिलाओं को अश्वगंधा का इस्तेमाल करना लाभदायक सिद्ध होता है. महिलाओं से संबंधित अन्य रोगों में भी अश्वगंधा मददगार होता है. वहीं इसका इस्तेमाल आंखों की रोशनी को बढ़ाने का काम करता है. रोज एक ग्लास दूध के साथ अश्वगंधा का सेवन करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है. साथ चश्मे का नंबर भी जल्द उतर जाता है.

आयुर्वेदिक डॉक्टर की सलाह पर ही करें इस्तेमाल

वैसे तो अश्वगंधा एक आयुर्वेदिक औषधि है और इसके कोई ज्यादा साइड इफेक्ट भी नहीं हैं. लेकिन हर व्यक्ति की तासीर अलग-अलग होती है. ऐसे में वात, कफ और पित्त दोष के संतुलन को बनाए रखने के लिए इसका सेवन करने से पहले आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए. गर्भवती महिलाओं को अश्वगंधा का सेवन नहीं करना चाहिए.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, अश्वगंधा खाने के फायदे और नुकसान पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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