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कोरोना इन गर्भवती महिलाओं के लिए हो सकता है ज्‍यादा खतरनाक, एक्‍सपर्ट बोले लगवाएं वैक्‍सीन

नई दिल्‍ली. कोरोना की दूसरी लहर के बाद अब तीसरी लहर (Third Wave) का खतरा मंडरा रहा है. हालांकि अभी तक भारत कोविड वैक्‍सीन (Covid Vaccine) का इंतजार कर रहीं गर्भवती महिलाओं को भी कोरोना वैक्‍सीन लगवाने की अनुमति मिल गई है. केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की ओर से इस संबंध में गाइडलाइंस भी जारी की गई हैं. साथ ही सभी गर्भवती महिलाओं (Pregnant Women) चाहे वह किसी भी तिमाही में हों, वैक्‍सीन लगवाने की अपील की गई है.

कोरोना की पहली और दूसरी लहर में देश में बड़ी संख्‍या में गर्भवती महिलाओं की कोरोना से मौत हुई है. इस संबंध में इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) की ओर से आंकड़े भी जारी किए गए थे. हालांकि अब इनके लिए वैक्‍सीन को सुरक्षा कवच बताया जा रहा है. विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की चपेट में आने से न केवल महिलाओं को बल्कि उनके पेट में पल रहे भ्रूण (Fetus) को भी नुकसान पहुंच सकता है.

आईसीएमआर में कोविड ऑपरेशन ग्रुप के हेड डॉ. एन के अरोड़ा कहते हैं कि सभी गर्भवती और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को वैक्‍सीन लेनी चाहिए. भारत में वैक्‍सीन की अब अनुमति दी गई है लेकिन अमेरिका, यूके, ऑस्‍ट्रेलिया, कनाडा, ब्राजील, इजराइल आदि देशों में पहले से गर्भवती महिलाओं को वैक्‍सीन लगाई जा रही है. अगर पहले से कोई बीमारी झेल रही प्रेग्‍नेंट महिला को कोरोना होता है तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है ऐसे में इससे बचने का एक ही तरीका है वैक्‍सीनेशन.

वे कहते हैं कि अगर गर्भवती महिला को कोरोना हो जाता है तो यह आम महिला के मुकाबले ज्‍यादा उसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचा सकता है. गर्भवती महिला में रिस्‍क फैक्‍टर ज्‍यादा है. ऐसे में प्रेग्‍नेंट महिलाओं को विशेष सावधानी की जरूरत है. इतना ही नहीं प्रीटर्म बर्थ के अलावा मिसकैरेज की भी समस्‍या भी हो सकती है. हालांकि सभी गर्भवती महिलाओं के मुकाबले कुछ महिलाओं को कोरोना ज्‍यादा नुकसान पहुंचा सकता है.

इन गर्भवती महिलाओं को ज्‍यादा है कोरोना होने के बाद दिक्‍कतें होने का खतरा

विशेषज्ञ कहते हैं कि प्रेग्‍नेंसी (Pregnancy) के दौरान कोरोना होने पर कुछ महिलाओं में दिक्‍कतें होने का रिस्‍क फैक्‍टर ज्‍यादा है. जैसे.

. प्री एक्सिसटिंग मेडिकल कंडीशन यानी कि डायबिटीज जैसे किसी रोग का होना. अगर किसी महिला को डायबिटीज है और वह प्रेग्‍नेंट है तो कोरोना उसे ज्‍यादा नुकसान पहुंचा सकता है.

. प्रेग्‍नेंट महिला जिसके कोई ऑर्गन ट्रांस्‍प्‍लांट (Organ Transplant) हुआ हो, उसे भी कोरोना से खतरा बढ़ सकता है.

. ऐसी गर्भवती महिला जिसे रेस्पिरेटरी संबंधी क्रॉनिक बीमारी हो जैसे सीओपीडी, अस्‍थमा, सिस्टिक फाइब्रोसिस आदि.

. होमोजाइगस सिकल सेल डिजीज से पीड़‍ित महिला अगर प्रेग्‍नेंट है और उसे कोरोना हो जाता है तो उसके लिए खतरा हो सकता है.

. अगर कोई प्रेग्‍नेंट महिला इम्‍यूनोसप्रेसन थैरेपी ले रही है.

. प्रेग्‍नेंट महिला को किडनी की कोई एडवांस्‍ड डिजीज हो या डायलिसिस पर हो.

. अगर महिला को कॉन्‍गजेनिटल या एक्‍वायर्ड हर्ट डिजीज हुई हो और वह गर्भवती है तो उसे कोरोना होने पर मुश्किलें हो सकती हैं.

. मां बनते समय उम्र ज्‍यादा होना, या शरीर पर ज्‍यादा चर्बी होना या पहले से अगर प्रेग्‍नेंट महिला को कोई और बीमारी है जिसकी वह दवा ले रही है आदि.

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