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स्वास्थ्य

कोरोनावायरस के 5 हल्के लक्षण जो व्यक्ति को बना सकते हैं कोविड का संभावित स्प्रेडर, ना करें इग्नोर

हाइलाइट्स

खांसी और छींकने की समस्या को इग्नोर ना करें.
बुखार दो दिन से अधिक हो, तो डॉक्टर से मिलें.

Symptoms of Coronavirus: कोरोनावायरस अभी भी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है. हर दिन देश में नए कोविड मामले सामने आ ही रहे हैं. हालांकि, पिछले दो साल की तुलना में कोरोना के मामले बेहद कम हुए हैं. फिर भी कोरोनावायरस को नज़रअंदाज़ बिल्कुल नहीं किया जा सकता है. आज भी कोरोनावायरस हवा और आसपास की चीजों में मौजूद है. ऐसे में जिसे भी बुखार, सर्दी, खांसी, गले में खराश की समस्या है, उन्हें अपनी सेहत को लेकर अधिक अलर्ट रहना चाहिए, क्योंकि बिना कोविड टेस्ट कराए ये नहीं पता चल सकता है कि कफ-कोल्ड, छींके आना, नाक बहना सामान्य है या फिर कोरोना के हल्के लक्षण हैं.

ये हल्के लक्षण कब दूसरे व्यक्ति को संक्रमित कर दे, आपको पता भी नहीं चलेगा. धीरे-धीरे माइल्ड कोविड के लक्षण भी माहामारी का रूप ले सकते हैं. ऐसे में फ्लू, कफ-कोल्ड होने पर भी आप अलर्ट रहें. मास्क पहनें, हाथ धोएं, सैनिटाइजर यूज करें. कोविड से मिलते-जुलते इन हल्के लक्षणों को इग्नोर करने से आप बन सकते हैं संभावित कोविड स्प्रेडर.

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कोविड के साइलेंट स्प्रेडर कौन?

टीओआई में छपी एक खबर के अनुसार, यदि आपको कफ-कोल्ड है, तो थोड़ी सावधानी बरतें, क्योंकि ये कोविड के माइल्ड लक्षणों में भी शामिल हैं. यह दूसरों को भी फैल सकता है. जो व्यक्ति साइलेंट स्प्रेडर की श्रेणी में आते हैं, वे एसिम्प्टोमैटिक, प्रीसिम्प्टोमैटिक और माइल्ड सिम्प्टोमैटिक होते हैं. एसिम्प्टोमैटिक, प्रीसिम्प्टोमैटिक व्यक्ति को ये पता नहीं होता है कि वे अनजाने में ही वायरस खुद से दूसरे व्यक्ति तक स्प्रेड कर रहे हैं. वहीं, माइल्ड सिम्प्टोमैटिक से ग्रस्त लोग अपनी लापरवाही के कारण संक्रमण फैलाते हैं.

ये लक्षण नज़र आएं तो ना बरतें लापरवाही

बुखार और ठंड लगना
यदि आपको बुखार है या ठंड लग रही है, तो लापरवाही बिल्कुल ना बरतें, खासकर तब जब बुखार दो दिन से अधिक हो. बुखार मौसम में बदलाव या किसी अन्य इंफेक्शन, समस्या के कारण भी होता है. लेकिन, बुखार कोरोना के कारण हो रहा हो, तो आप अपने आसपास के लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं. बेहतर है डॉक्टर से दिखा लें. खुद को घर में आइसोलेट कर लें.

खांसी होना
यदि आपको खांसी हो रही है, तो लापरवाही ना बरतें, क्योंकि खांसने के दौरान निकलने वाले ड्रॉपलेट्स में वायरस हो सकता है. इससे आसपास के लोगों के कोविड से संक्रमित होने की संभावना बढ़ जाती है. खांसी आए, तो मुंह पर रूमाल रखें, मास्क पहने रहें. इस स्थिति में तब तक सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखें, जब तक कि आपको पता ना चल जाए कि खांसी वायरस से संक्रमित होने के कारण हो रही है या कफ-कोल्ड के कारण होने वाली खांसी है.

बार-बार छींक आना
खांसी की तरह छींकने से भी मुंह से ड्रॉपलेट्स निकलते हैं. यदि बार-बार छींक आ रही हैं, तो सावधानी बरतें. छींके आना भी कोरोना के हल्के लक्षणों में शामिल है. एयर ड्रॉपलेट में कोरोनावायरस मौजूद हो सकता है. बेहतर है कि छींकते समय मुंह पर रूमाल रखें, मास्क पहने और अलग कमरे में रहें. डॉक्टर से मिलें और कंफर्म करें कि ये कोविड-19 इंफेक्शन है या नहीं.

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बहती नाक
बहती हुई नाक भी कोरोना के माइल्ड लक्षणों में शामिल है, जो व्यक्ति को कोरोना का संभावित स्प्रेडर बनाता है. नाक बहना या नाक में जमाव की समस्या आमतौर पर सर्दी या फ्लू के दौरान होता है, इसलिए लोग अक्सर इस समस्या को गंभीरता से नहीं लेते हैं. कोरोना होने की स्थिति में बन बैठते हैं कोविड के प्रसार का कारण. जब भी आप अपनी नाक साफ करें, तो नैपकिन को ठीक से डिस्पोज करें. ऐसी जगह फेंके जहां वायरस के प्रसार की संभावना कम हो.

गले में खराश
गले में खराश होना भी कोरोना के लक्षणों में शामिल है. यदि आपको कुछ दिनों से ये समस्या परेशान कर रही है, तो डॉक्टर से दिखा लें. गले में खुजली होना या गले में खराश कोरोना की तीसरी लहर के दौरान अधिकतर लोगों में नज़र आने वाला एक विशिष्ट लक्षण था, जिसका कारण ओमिक्रॉन वेरिएंट था. इसके अलावा, यदि आपको मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द, बदन दर्द, उल्टी, जी मिचलाना, डायरिया जैसी समस्याएं परेशान करें, तो एक बार डॉक्टर की सलाह पर कोविड टेस्ट कराएं और खुद को होम आइसोलेट कर लें.

Tags: Coronavirus symptoms, Health, Lifestyle

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