कैसे करें एंगर मैनेजमेंट, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए...एक्सपर्ट से जानिए
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कैसे करें एंगर मैनेजमेंट, इससे पहले कि बहुत देर हो जाए…एक्सपर्ट से जानिए

गुणीजन कह के गए हैं कि काम, क्रोध, लोभ, मोह, माया ये सभी विकार हैं, जो व्यक्ति इनसे दूर रहेगा वो उतना ही सुखी रहेगा. लेकिन, आज के दौर में किसी भी सामान्य इंसान के लिए इन सारी चीजों से बचना बहुत मुश्किल है. ये विकार किसी ना किसी तरह शरीर और मन में उत्पन्न हो ही जाते हैं. इन्हीं में से एक विकार है क्रोध यानी गुस्सा. रोजमर्रा की किसी ना किसी बात पर हमें एक दिन में ना जाने कितनी बार गुस्सा (Anger) आ जाता है. हम इस गुस्से को कैसे मैनेज करें, कैसे इस गुस्से को कम करें, ऐस क्या करें जिससे हमें गुस्सा ना आए, इस पर दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में साइकेट्री विभाग में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. राजेश गोयल (Dr. Rajesh Goyal) ने एंगर मैनेजमेंट (Anger Management) के कुछ टिप्स दिए हैं. उनका कहना है कि अगर हम गुस्से की वजह को पहचानें और अपनी लाइफस्टाइल में कुछ बदलाव करें, तो आराम से गुस्से पर काबू पाया जा सकता है.

डॉ. राजेश का कहना है कि गुस्सा आपकी कमजोरी को दर्शाता है. जब इंसान को लगता है कि चीजें उसके वश से बाहर हो रही हैं, तो गुस्सा करके उसे अपनी कमजोरी के रूप में प्रदर्शित करता है. उनका कहना है कि इसके अलावा खानपान, नींद, ध्वनि, सुंगंध और लाइफस्टाइल का भी हमारे मन और गुस्से पर प्रभाव पड़ता है. आपको बताते हैं कैसे…

ट्रिगर को पहचानें
कई ऐसी परिस्थितियां या घटनाएं होती हैं, जो गुस्सा बढ़ा सकती हैं. जैसे लंबी लाइन, ट्रैफिक, भद्दे कमेंट्स या फिर अधिक थकावट आदि. इन्हें गुस्से के ट्रिगर कहते हैं. जितने अधिक ट्रिगर (Trigger) आप पहचान पाएंगे, आपको गुस्सा कंट्रोल करने में उतनी आसानी होगी, इसलिए समय रहते अपने ट्रिगर को पहचानें और उन्हें अपनी स्ट्रेंथ में बदलें.

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ट्रिगर को कैसे बनाएं स्ट्रेंथ?
डॉ. राजेश के अनुसार, अगर आप ट्रैफिक में फंसे हैं और इससे पहले की आपको गुस्सा आए, आप इतनी देर कोई म्यूजिक सुन सकते हैं, किसी दोस्त से फोन पर बात कर सकते हैं, क्योंकि ट्रैफिक में आप उड़कर नहीं जा सकते हैं. ये समझना बहुत जरूरी है. आराम से शांत रहते हुए अपने उस टाइम का सदुपयोग करें. कुछ ऐसी चीजं सोचें जो आप करना चाहते हैं. अपने ट्रिगर को अपनी स्ट्रेंथ में बदलें.

इग्नोर करना सीखें
कुछ ट्रिगर ऐसे होते हैं, जैसे आप सड़क पर जा रहे हैं और सामने वाले कि गलती है, फिर भी उसने आपको कुछ बोल दिया. आपको लगता है कि आखिर इसने ऐसा कैसे बोल दिया. आप नाराज हो गए. ऑफिस में किसी ने कुछ बोला, आप नाराज हो गए, घर में किसी ने कुछ बोला आप नाराज हो गए, पड़ोस में किसी ने कुछ कहा, आपको बुरा लग गया. हमें ऐसे लोगों को इग्नोर करना होगा. हमें क्या लेना है, क्या नहीं लेना है, ये तो हमें तय करना है, सामने वाले को नहीं. हमें अगर समाने वाले के कुछ कहने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, तो हम परेशान नहीं रिलैक्स होंगे. टेंशन सामने वाले को होगी.

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गुस्सा आने पर क्या करें
जब भी कभी गुस्सा आ रहा हो, आप बेचैन होने लगें, तो कहीं भी खड़े-खड़े ही लंबी सांस अंदर लें और छोड़ें. एक बार दोबारा ये करें. चार-पांच करने के बाद देखेंगे कि आपका दिमाग खुद ब खुद उस बात से डाइवर्ट हो जाएगा. थोड़ी देर बाद ही आपको लगेगा कि मैं किस छोटी सी बात पर ध्यान दे रहा था, शायद मैं बेकार ही परेशान हो रहा था?

शांति से जवाब देना होगा
डॉ. राजेश ने आगे बताया कि गुस्सा का कैसे जवाब देना चाहिए. उनका कहना है कि कई बार आपने देखा होगा कि सामने वाले का व्यवहार कुछ उचित नहीं है, उससे कोई गलती हो रही है. आपको गुस्सा आ रहा है, तो आप उस पर रिएक्ट करने की बजाय, उसकी दो बात की बजाय चार बात कहने के, हाथ जोड़ कर देखिए. बात वहीं खत्म हो जाएगी. सामने वाला भी शांत हो जाएगा और आपका मन भी शांत हो जाएगा.

जिनसे प्यार करते हैं उनके बारे में सोचें
अगर आप ट्रैफिक जाम में फंसे हैं या आपके ऑफिस में किसी से कुछ बहस हो गई. आपको लगता है कि आपको गुस्सा आने वाला है या आ रहा है, तो सबसे पहले अपना ध्यान वहां से हटाएं, गाड़ी में लोग भगवान की फोटो रखते हैं, ऑफिस टेबल पर अपने परिवार की फोटो लगाते हैं, उसे देखें.

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गुस्सा आने के कारण

– आजकल गुस्सा आने का अहम कारण होता है टाइम मैनेजमेंट. जब किसी काम के लिए निकलने में आपको देरी हो जाए, आपकी गाड़ी कहीं जाम में फंस जाए, आपको जल्दी है, तो जाहिर है कि आपको गुस्सा आएगा. ऐसे में अपने टाइम मैनेजमेंट को सही रखें. कहीं भी जाने के लिए थोड़ा पहले निकलें, क्योंकि टाइम मैनेजमेंट में दिक्कत होने से गुस्सा आ सकता है.

– लोगों का नींद पूरी ना करना भी गुस्से का अहम कारण होता है. लोग रात तक टीवी-मोबाइल पर लगे रहते हैं. नींद पूरी नहीं होती है, सुबह चिड़चिड़ापन रहता है. ऐसे में अपने लाइफस्टाइल में सुधार करें.

– बहुत तेज खुशबू भी कई बार गुस्से का कारण बन जाती है. आपने देखा होगा कि कई बार कुछ लोग इतना तेज परफ्यूम लगाते हैं, जिसकी खुशबू दिमाग में चढ़ जाती है. आपको उससे परेशानी होने लगती है.

– स्मोकिंग या एल्कोहल का सेवन करना भी बहुत अधिक गुस्सा आने का कारण हो सकता है.

– ध्वनि प्रदूषण या वायु प्रदूषण भी गुस्से का बहुत बड़ा कारण होता है.

गुस्से को कम करने के उपाय

-अच्छा खान खाएं (पौष्टिक खाना खाएं, फास्ट फूड नहीं)
-अच्छी नींद लें (7-8 घंटे की नींद)
-रात में टीवी-मोबाइल का कम यूज करें
-बहुत तेज म्यूजिक ना सुनें
-बहुत तेज सुगंध से दूर रहें
-घर और काम की जगह में हल्के रंग होना
-रेगुलर एक्सरसाइज करें
-नशे से दूर रहें
-डेली लाइफ में सभी चीजों को समय पर करें

Tags: Health, Health News, Lifestyle

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