कानों के लिए खतरनाक हो सकती हैं आपकी ये आदतें
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कानों के लिए खतरनाक हो सकती हैं आपकी ये आदतें

Ear Care Tips: आजकल कई लोग फिजकली फिट और मेंटली स्ट्रांग रहने के लिए हेल्दी डाइट से लेकर एक्सरसाइज और योगा तक कई चीजों को अपने डेली रूटीन का हिस्सा बनाते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी दिनचर्या सेहत के साथ-साथ आपके सेंस को भी काफी प्रभावित करती है. जी हां, सुनने की शक्ति (Listening Power) भी इन्हीं में से एक है. जिसके लिए आपकी कुछ आदतें जिम्मेदार हो सकती हैं.

कुछ लोग काफी फिट और हेल्दी रहने के बावजूद बेहद कम उम्र में अपनी सुनने की शक्ति खो देते हैं. ऐसे में या तो उन्हें ऊंचा सुनाई देने लगता है या वो बिल्कुल नहीं सुन पाते हैं. मगर, बहुत कम लोग जानते हैं कि कई बार ऐसा हमारी रोजमर्रा की उन आदतों के कारण होता है. जिन्हें हम अक्सर जानकारी के अभाव में नजरअंदाज कर देते हैं. आइए जानते हैं क्या हैं वो आदतें जिनका सीधा असर हमारे कानों पर पड़ सकता है.

धूम्रपान हो सकता है खतरनाक

ध्रूमपान से निकलने वाला धुआं फेफड़ों और लिवर को प्रभावित करने के साथ-साथ कानों के लिए भी नुकसानदायक होता है. इसमें मौजूद निकोटीन नामक पदार्थ कानों के ब्लड सर्कुलेशन को नुकसान पहुंचाता है. जिसके कारण कान की नसें सिकुड़ने लग जाती हैं. वहीं धूम्रपान से टिनिटस की समस्या भी देखने को मिल सकती है.

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कानों में ईयरबड्स से सफाई

कई लोग कानों को ईयरबड्स की मदद से अक्सर ही साफ करते रहते हैं. लेकिन हद से ज्यादा कानों में ईयरबड्स का इस्तेमाल करने से असावधानी के कारण ईयरड्रम्स में सुराख हो सकता है. जिससे आपकी सुनने की क्षमता भी कम हो सकती है. इसलिए ईयरबड्स का इस्तेमाल सावधानी के साथ करें.

हेडफोन का इस्तेमाल

सॉन्ग सुनना कई लोगों की आदत होती है. जिसके लिए हेडफोन और ईयरफोन का उपयोग लगभग सभी करते हैं. वहीं कुछ लोग हमेशा कानों में हेडफोन लगाकर रखते हैं. ऐसे में इन उपकरणों से निकलने वाली साउंड वेव कानों को सीधे तौर पर प्रभावित करती है. एक्सपर्ट की मानें तो हेडफोन को  हमेशा कम वॉल्यूम के साथ ही सुनना चाहिए. साथ ही इनका इस्तेमाल कम से कम करने की कोशिश भी करनी चाहिए.

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इन लक्षणों को न करें अनदेखा

कुछ लोग कान में दर्द, टिनिटस यानी कान बजने की समस्या, तेज सुनना और कानों में आवाज गूंजने जैसी परेशानियों को नॉर्मल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. हालांकि ये लक्षण ज्यादातर इयरड्रम्स के क्षतिग्रस्त होने के रहते हैं. जो कि कम सुनने की शुरूआत भी हो सकती है. ऐसे में बिना देर किए किसी अच्छे डॉक्टर से संपर्क करें.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

Tags: Health tips, Lifestyle

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