करवा चौथ रस्म की शुरुआत सरगी से होती है जिसमें सूरज के निकलने से पहले ही अहले सुबह महिलाएं भोजन कर लेती हैं.
स्वास्थ्य

करवा चौथ व्रत के दौरान बरतें ये सावधानियां, न्यूट्रिशनिस्ट दे रही हैं टिप्स

करवा चौथ (Karwa Chauth 2020) हिंदू धर्म को मानने वाले लोगों के बीच मनाया जाने वाला एक प्रसिद्ध त्योहार है जो कार्तिक के महीने में आता है. हमारी हिंदी फिल्मों ने खासतौर पर इस त्योहार को मशहूर बनाने में अहम भूमिका निभायी है. वैसे तो आप जानते ही होंगे लेकिन फिर भी हम आपको बता दें कि करवा चौथ के मौके पर शादीशुदा सुहागिन महिलाएं (Married Women) अपने पति की लंबी उम्र के लिए दिनभर का निर्जल उपवास (Fast) रखती हैं और शाम के समय चांद (Moon) को देखकर ही अपना व्रत खोलती हैं. कई लड़कियां जिनकी शादी तय हो जाती है वे अपने मंगेतर के लिए भी करवा चौथ का उपवास रखती हैं.

वैसे तो उपवास रखने के इस धार्मिक संस्कार का बेहद महत्व माना जाता है लेकिन साथ ही में यह बात भी याद रखनी जरूरी है कि जब आप पूरे दिन भोजन और पानी का सेवन नहीं करतीं तो इसका आपके शरीर पर गहरा प्रभाव पड़ता है. अगर उपवास को सही तरीके से न रखा जाए तो इसकी वजह से आपको हाइपोग्लाइसीमिया हो सकता है. यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें आपका ब्लड शुगर लेवल सामान्य से नीचे चला जाता है जिसकी वजह से आपको चक्कर आने लगता है, कमजोरी महसूस होने लगती है, सिरदर्द होने लगता है और कई और तरह की समस्याएं भी हो सकती हैं. लिहाजा, करवा चौथ के व्रत को सही तरीके से करना बेहद जरूरी है.

ऐसे में हमने माई उपचार से जुड़ीं मशहूर न्यूट्रिशनिस्ट और वेलनेस एक्सपर्ट डॉ आकांक्षा मिश्रा से बात की जो आपको कुछ जरूरी टिप्स और सावधानियों के बारे में बता रही हैं जिनका पालन कर आपका व्रत आसानी से निकल जाएगा और आपको सेहत से जुड़ी कोई समस्या भी नहीं होगी.इन सावधानियों का पालन जरूर करें
एक तरफ जहां करवा चौथ का व्रत रखना सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद जरूरी माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ बेहद जरूरी है कि आप इस व्रत का पालन करते वक्त अपनी सेहत और जरूरतों का ध्यान रखें. खासकर तब जब आपको पहले से सेहत से जुड़ी कोई परेशानी या बीमारी हो. डॉ आकांक्षा कहती हैं, “अगर किसी महिला को डायबिटीज, हाइपोथायराइड या हाई बीपी की समस्या हो तो उन्हें यह व्रत नहीं रखना चाहिए. हालांकि अगर आप फिर भी करवा चौथ का व्रत रखना चाहती हैं तो यह जरूरी है कि आप अपनी दवाइयों के बारे में डॉक्टर से बात कर लें. अगर आप गर्भवती हैं तब तो डॉक्टर से बिना पूछे व्रत बिल्कुल न रखें.”

डॉ आकांक्षा कहती हैं, अगर आपको डायबिटीज है तो हाइपोग्लाइसीमिया से बचना आपके लिए और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. अपने डॉक्टर से बात करें कि क्या आप अपनी दवाइयों के समय को बदल सकती हैं और साथ ही में सरगी के दौरान पर्याप्त मात्रा में भोजन का सेवन कर लें ताकि आपको हाइपोग्लाइसीमिया की समस्या न हो.

हर महिला के लिए जरूरी हैं सरगी से जुड़ी ये टिप्स

करवा चौथ रस्म की शुरुआत सरगी से होती है जिसमें सूरज के निकलने से पहले ही अहले सुबह महिलाएं भोजन कर लेती हैं. सरगी की इस रस्म के दौरान सास अपनी बहू को पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ तोहफे के रूप में देती हैं ताकि बहू को दिनभर निर्जल उपवास रखने के दौरान किसी तरह की कोई समस्या महसूस न हो. डॉ आकांक्षा की सलाह है कि हर महिला को अपनी सरगी का सेवन जरूर करना चाहिए.

डॉ आकांक्षा की सलाह है कि, सरगी के दौरान आपको खूब सारा पानी पीना चाहिए, फाइबर से भरपूर चीजें खानी चाहिए जैसे- फल, फ्रूट सलाद, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज. चूंकि प्रोटीन भी दिनभर आपकी एनर्जी के लेवल को बनाए रखने में मदद कर सकता है लिहाजा प्रोटीन से भरपूर खाद्य पदार्थ जैसे- पनीर, दूध, दही, बादाम मिल्क और दाल को भी आप अपनी सरगी में शामिल कर सकती हैं. इसके अलावा करवा चौथ का व्रत करने से एक दिन पहले भी अच्छी तरह से भोजन करें. अगर आप इन सारी चीजों का पालन करेंगी तो आपको करवा चौथ के व्रत के दौरान थकान या कमजोरी महसूस नहीं होगी.

करवा चौथ का व्रत खोलने का सही तरीका
व्रत रखने से पहले ऐहतियात बरतने के साथ ही व्रत खोलने के बाद आप क्या करती हैं यह भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि आपका शरीर दिनभर तरल पदार्थों और इलेक्ट्रोलाइट्स से वंचित रहा है. डॉ आकांक्षा कहती हैं, “शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बना रहे इसके लिए आपको अपना करवा चौथ का व्रत खोलते वक्त नमकीन नींबू पानी (लेमेनेड) या फिर नारियल पानी पीना चाहिए. दिनभर के व्रत के बाद जरूरत से ज्यादा भोजन करना न सिर्फ अस्वास्थ्यकर है बल्कि खतरनाक भी. लिहाजा भारी भोजन करने की बजाए आपको अपना उपवास खोलते वक्त हल्का भोजन ही करना चाहिए.”

व्रत खोलते वक्त आप जो भोजन कर रही हों उसमें 60 से 65 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट्स, 20 से 25 प्रतिशत प्रोटीन और 10 से 15 प्रतिशत फैट होना चाहिए और साथ में खूब सारा पानी. कार्बोहाइड्रेट्स के लिए आप फलों का, बहुत ज्यादा तेल मसाले वाली नहीं बल्कि साधारण पकी हुई सब्जियों और चावल का सेवन कर सकती हैं. प्रोटीन से भरपूर भोजन का सेवन करें लेकिन बहुत ज्यादा तेल मसाले वाली करी खाने से बचें. साथ ही व्रत खोलने के बाद चाय, कॉफी, तले-भुने और मसालेदार भोजन का सेवन न करें. ऐसा करने से आपको ऐसिडिटी और सीने में जलन (हार्टबर्न) की समस्या नहीं होगी.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल उपवास रखने का सही तरीका क्या है के बारे में पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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