कमर, पीठ और कंधे में दर्द की समस्या होगी दूर, सविता यादव के साथ करें योग
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कमर, पीठ और कंधे में दर्द की समस्या होगी दूर, सविता यादव के साथ करें योग | health – News in Hindi

कोरोना (Corona) महामारी के समय घर पर बैठे लोगों के लिए शरीर को फिट (Fit) और हेल्दी (Healthy) रखना बहुत जरूरी है. खासकर उन लोगों को जो घंटो घर से वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं. उनके लिए योग (Yoga) का अभ्यास करना बहुत जरूरी है. दिनभर में कम से कम एक घंटा योग पर जरूर दें. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. वर्क फ्रॉम होम करने वालों को इन दिनों अक्सर कमर, पीठ और कंधे में दर्द की शिकायत हो रही है. ऐसे में फेसबुक के इस लाइव सेशन में कुछ ऐसे योगासन बताए जाएंगे जिनकी मदद से कमर, पीठ और कंधे का दर्द चुटकियों में गायब होगा.

सबसे पहले तो कुछ ऐसे आसन करेंगे जिससे कि बॉडी की स्ट्रेचिंग हो जाए और सांसों पर ध्यान केंद्रित करेंगे. आंखें बंद कर सांसों पर ध्यान लगाएं. लंबा गहरा सांस भरें सांस रोकें और सांस को छोड़ें. अगर आपको सांस सम्बन्धी कोई बीमारी है तो सांसों को रोकें नहीं. इसके बाद बॉडी की स्ट्रेचिंग करने के लिए व्यायाम करें.

सूर्य नमस्कार (Surya Namaskār ) :  सूर्य नमस्कार काफी लाभकारी है. इससे आपका शरीर और मन दोनों को काफी फायदा होगा और तनाव जाता रहेगा.

प्रणाम आसन: प्रणाम आसन के लिए आप मैट पर पैर के दोनों पंजे जोड़कर खड़े हो जाएं. फिर दोनों हांथों को कंधे के बराबर में उठाएं और दोनों पैरों पर पूरा भार समान रूप से डालें. दोनों हथेलियों के पृष्ठभाग एक दूसरे से चिपकाए रहें. और नमस्कार की मुद्रा में खड़े हो जाएं. आंखें बंद कर मन ही मन सूर्य का ध्यान करें.

हस्ततुन्नासन: इस आसन को करने के लिए गहरी सांस भरें और दोनों हाथों को ऊपर की ओर उठाएं. अब हाथ और कमर को झुकाते हुए दोनों भुजाओं और गर्दन को भी पीछे की ओर झुकाएं.
हस्तपाद आसन: इस आसन में बाहर की तरफ सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे आगे की तरफ नीचे की ओर झुकें. अपने दोनों हाथों को कानों के पास से घुमाते हुए ज़मीन को छूएं.

अश्व संचालन आसन: इस आसन में अपनी हथेलियों को ज़मीन पर रखें, सांस लेते हुए दाएं पैर को पीछे की तरफ ले जाएं और बाएं पैर को घुटने की तरफ से मोड़ते हुए ऊपर रखें. गर्दन को ऊपर की तरफ उठाएं और कुछ देर इसी स्थिती में रहें.

पर्वत आसन: इस आसने को करने के दौरान सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को सीधी रेखा में रखें और अपने हाथ ज़मीन पर सीधे रखें.

संतुलन आसन: घुटनों के बल बैठ जाएं और हथेलियों को कंधों के नीचे जमीन पर रखें. संतुलन आसन की अंतिम अवस्था में आ जाएं. पहली अवस्था में शरीर को लाएं.

अष्टांग नमस्कार: इस आसन को करते वक्त अपने दोनों घुटने ज़मीन पर टिकाएं और सांस छोड़ें. अपने कूल्हों को पीछे ऊपर की ओर उठाएं और अपनी छाती और ठुड्डी को ज़मीन से छुआएं और कुछ देर इसी स्थिति में रहें.

भुजंग आसन: इस आसन को करते वक्त धीरे-धीरे अपनी सांस छोड़ते हुए छाती को आगे की और ले जाएं. हाथों को ज़मीन पर सीधा रखें. गर्दन पीछे की ओर झुकाएं और दोनों पंजों को सीधा खड़ा रखें.

शवासन:
मैट पर पीठ के बल सीधे लेट जाएं और आंखें मूंद लीजिए. पैरों को आराम की मुद्रा में हल्का खोल कर रखें. पैर के तलवे और उंगलियां ऊपर की तरफ होनी चाहिए. हाथों को बगल में रखकर हथेलियों को ऊपर की तरफ खोलकर रखें. पैर से लेकर शरीर के हर भाग पर ध्यान केंद्रित करते हुए धीरे-धीरे सांस अन्दर बाहर करें. धीरे धीरे इसे कम करें. जब शरीर में राहत महसूस हो तो आंखों को बंद करके ही थोड़ी देर उसी मुद्रा में आराम करें.

प्राणायाम:
कपालभाति : कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं.

भस्त्रिका: सबसे पहले ध्यान या वायु मुद्रा में बैठकर भस्त्रिका व्यायाम करें. यह मुख्य रूप से डीप ब्रीदिंग है. करीब पांच मिनट तक रोजाना डीप ब्रीदिंग करें, इससे आपका रेस्पिरेटरी सिस्टम मजबूत हो जाएगा.



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