कपालभाति करने से सांस संबंधी रोगों को दूर करने में मिलती है मदद
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कपालभाति करने से सांस संबंधी रोगों को दूर करने में मिलती है मदद | health – News in Hindi

(सविता यादव)

करीब 45 मिनट के लाइव योग सेशन (Live Yoga Session) में कपालभाति (Kapalbhati) से लेकर छोटे-छोटे कई अभ्यासों को करने के बारे में बताया और दिखाया गया. इन अभ्यासों को करने से न केवल मनुष्य स्वस्थ (Healthy) रह सकता है बल्कि उसे हर प्रकार के तनाव (Stress) से भी मुक्ति मिलती है. योग एक कला है और इसका अभ्यास धीरे-धीरे करना चाहिए. आप इसमें एक दिन में निपुण नहीं बन सकते. अभ्यास करते हुए ही यह एक आदत के रूप में उभर कर आएगा. इस लाइव योग सेशन में कपालभाति, पैरों, पंजो, घुटनें, कमर, कुल्हे, गर्दन, कंधे, पीठ और हाथों के लिए छोटे और आसान अभ्यास सिखाए गए.

कपालभाती
कपाल भाति बहुत ऊर्जावान उच्च उदर श्वास व्यायाम है. कपाल अर्थात मस्तिष्क और भाति यानी स्वच्छता अर्थात ‘कपाल भाति’ वह प्राणायाम है जिससे मस्तिष्क स्वच्छ होता है और इस स्थिति में मस्तिष्क की कार्यप्रणाली सुचारु रूप से संचालित होती है. वैसे इस प्राणायाम के अन्य लाभ भी हैं. लीवर किडनी और गैस की समस्या के लिए बहुत लाभ कारी है. कपालभाति प्राणायाम करने के लिए रीढ़ को सीधा रखते हुए किसी भी ध्यानात्मक आसन, सुखासन या फिर कुर्सी पर बैठें. इसके बाद तेजी से नाक के दोनों छिद्रों से सांस को यथासंभव बाहर फेंकें. साथ ही पेट को भी यथासंभव अंदर की ओर संकुचित करें. इसके तुरंत बाद नाक के दोनों छिद्रों से सांस को अंदर खीचतें हैं और पेट को यथासम्भव बाहर आने देते हैं. इस क्रिया को शक्ति व आवश्यकतानुसार 50 बार से धीरे-धीरे बढ़ाते हुए 500 बार तक कर सकते हैं लेकिन एक क्रम में 50 बार से अधिक न करें. क्रम धीरे-धीरे बढ़ाएं. इसे कम से कम 5 मिनट और अधिकतम 30 मिनट तक कर सकते हैं.कपालभाति के फायदे

ब्लड सर्कुलेशन अच्छा होता है
सांस संबंधी बीमारियों को दूर करमे में मदद मिलती है. विशेष रूप से अस्थमा के पेशेंट्स को खास लाभ होता है.
महिलाओं के लिए बहुत लाभकारी
पेट की चर्बी को कम करता है
पेट संबंधी रोगों और कब्ज की परेशानी दूर होती है
रात को नींद अच्छी आती है

ये लोग कपालभाति न करें
प्रेग्नेंट महिलाओं को इसे करने से बचना चाहिए
जिनकी कोई सर्जरी हुई हो वह इसे न करें
गैसट्रिक और एसिटिडी वाले पेशेंट्स इसे धीरे-धीरे करने की कोशिश करें.
पीरियड्स में बिल्कुल न करें.
हाई बीपी और हार्ट संबंधी रोगों के पैशेंट्स इसे करने से बचें.

कपालभाति के पैरों के लिए कुछ आसन हैं जिन्हें करने से पैरों के दर्द में आराम, पैरों के सूजने में आराम और शरीर की थकावट भी दूर होगी. इसके अलावा पंजो को मजबूत करने और लचीला बनाने के लिए भी कुछ छोटे अभ्यास होते हैं. पैरों के साथ साथ घुटनों को सही रखना भी बहुत जरूरी होता है. घुटनों के दर्द में आराम पहुंचाने के लिए योग जरूरी है. वहीं कुल्हे को लचीला बनाने के लिए भी अभ्यास बता गए. कुल्हे को लचीला बनाने का योग महिलाओं के लिए बहुत अच्छा होता है. इससे उन्हें नॉर्मल डिलीवरी के समय आराम मिलता है. कमर के लिए भी अभ्यास बताए गए.

इस समय ज्यादातर लोग वर्क फ्रॉम होम कर रहे हैं और ऐसे में कमर दर्द एक आम समस्या बना हुआ है. इसके अलावा घर से काम करने के चलते लोगों को गर्दन, कंधे और हाथों में भी दर्द की समस्या हो रही है. इन समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए कुछ छोटे छोटे अभ्यास हैं. इसके अलावा फॉरवर्ड और बैकवर्ड बेंडिंग और वक्षस्थल के लिए भी अभ्यास हैं. ये सभी छोटे और आसान अभ्यास आगे चलकर योग की कई मुद्राओं में मद करेंगे. वहीं सेशन के आखिर में ओम का उच्चारण करना अच्छा होता है जो कि व्यक्ति को फ्रेश कर देता है और उसमें नई ऊर्जा भर देता है.



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