कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है नाखून चबाने की आदत, इन फॉर्मूले से इसे छुड़ाएं 
स्वास्थ्य

कई तरह की बीमारियों का जोखिम बढ़ा सकती है नाखून चबाने की आदत, इन फॉर्मूले से इसे छुड़ाएं 

नई दिल्ली. शिशु जन्म लेने के कुछ दिन बाद से ही अपने नाखूनों को चबाने (Nails biting or chewing) लगते हैं. यह एक स्वभाविक प्रक्रिया है. कुछ महीनों बाद यह प्रक्रिया बंद हो जाती है लेकिन किशोरावस्था (teenage) के बाद कुछ बच्चों में नाखून चबाने की आदत लग जाती है जो बहुत दिनों तक बरकरार रहती है. कई ऐसे लोग हैं जिन्हें बहुत दिनों तक यह आदत बनी रहती है. नाखून चबाने की यह आदत हेल्थ संबंधित कई परेशानियों (cause of health concern) को जन्म दे सकती है. इसलिए नाखून चबाने की आदत को बाय कहना ही ज्यादा अक्लमंदी है. नाखून चबाने की आदत को मेडिकल भाषा में इसे ओनिकोफैगिया (Onychophagia) कहते हैं. सामान्यतया यह एक मनोवैज्ञानिक स्थिति (Physiological condition) है जिसमें व्यक्ति एंग्जाइटी (Anxiety) महसूस करने पर नाखून चबाने लगते हैं.

अमेरिकान साइकेट्रिक एसोसिएशन (American Psychiatric Association-APA) के मुताबिक नाखून चबाने की यह प्रवृति कंपल्सिव और रेपिटेटिव (compulsive and repetitive in nature) यानी बाध्यकारी और दोहराव प्रकृति के होते हैं. एपीए के मुताबिक यह एक ऐसी विकृति है जिसमें व्यक्ति के मन में अवांछित विचार और उत्तेजनाएं आ जाती है और तब व्यक्ति उसके उन्माद में नाखूनों को चबाने लगता है.

नाखून चबाने की आदत के क्या कारण है
इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक नाखून चबाने की आदत के कई कारण हो सकते हैं. इसके लिए आनुवांशिक कारक भी जिम्मेदार हो सकते हैं. इसके अलावा जब व्यक्ति एंग्जाइटी या बेचैनी की स्थिति का सामना करता है तो इससे निपटने के लिए वह अपने नाखून चबाने लगता है. ऐसा पाया गया है कि नाखून चबाने से स्ट्रेस, टेंशन और बोरियत दूर होती है. आमतौर पर ऐसे व्यक्तियों को नाखून चबाने की आदत होती है जो नर्वसनेस, अकेलापन, यहां तक कि भूखा महसूस करते हैं.

क्या नुकसान पहुंचा सकता है

नाखून चबाने से कई नुकसान हो सकते हैं जो स्वास्थ्य के लिए ज्यादा जोखिम है. पहला तो इससे मनोवैज्ञानिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. ऐसे लोगों में अपमान और भावनात्मक पीड़ा का भाव आता है जिससे व्यक्ति उदासी की स्थिति में रहता है. साथ ही वह सामाजिक दुर्बलताओं का शिकार होने लगता है. इसके अलावा नाखून चबाने से कई तरह के संक्रमण का खतरा रहता है. नाखून चबाने से नाखून और आस पास के मुलायम टिशू में इंफेक्शन हो जाता है. इसके कारण परजीवियों के पेट के अंदर पहुंचने का जोखिम बना रहता है. यह पेट संबंधी समस्याओं का कारण बनता है. पेट में सूजन भी हो सकता है. इसका तात्कालिक सीधा असर जबड़े पर पड़ता है. लगातार इंफेक्शन के कारण जबड़े में दर्द होने लगता है. मसूड़ों में इंज्युरी का खतरा रहता है. यह दांत और मुंह को भी नुकसान पहुंचा सकता है. इन सबके बीच बैक्टीरिया और फंगस का हमला तेज हो जाता है जिससे कई तरह की बीमारियां हो सकती है.

कैसे छुड़ाएं इस आदत को

नाखून चबाने की आदत को कई तरीकों से छुड़ाया जा सकता है. इसके कई घरेलू तरीके हैं. जैसे कि माउथ गार्ड लगाकर इस आदत को दूर किया जा सकता है. दूसरा नाखूनों में तीखी या कड़वी चीज डालकर नेल पॉलिस लगाने से इस आदत को बाय कहा जा सकता है. नाखूनों पर कड़वी तेल लगाकर भी नाखून चबाने की आदत को दूर किया जा सकता है. नाखूनों को हमेशा छोटा और साफ सफाई का ख्याल रखें. अगर आपको रात में ज्यादा नाखून चबाने की आदत है तो रात में सोते में हाथ में गलव्स लगाएं. नाखून चबाने के बजाय च्युइंग गम या सौंफ हमेशा मुंह में रखें. अगर इन सबसे भी आदत नहीं जा रही तो डॉक्टर से संपर्क करें.

Tags: Health

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