जिन महिलाओं का पीरियड्स समय पर आता है, उनके चक्र में भी कभी-कभी बदलाव हो सकता है.
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उम्र के 20वें, 30वें और 40वें पड़ाव में ऐसे होता है पीरियड्स में बदलाव, जानें क्या है कारण

जिन महिलाओं का पीरियड्स समय पर आता है, उनके चक्र में भी कभी-कभी बदलाव हो सकता है.

पीरियड्स (Menstruation) शुरू होने के शुरुआती कुछ वर्षों में, कुछ हद तक अनियमित होना असामान्य नहीं है, लेकिन जब उम्र के 20वें वर्ष में प्रवेश करते हैं तो हार्मोन (Hormone) को थोड़ा स्थिर होना चाहिए, जिसका मतलब है कि आप पीरियड्स का पूर्वानुमान लगा सकते हैं.



  • Last Updated:
    November 19, 2020, 12:51 PM IST

महिलाओं में मासिक धर्म (पीरियड्स) एक स्वाभाविक प्रक्रिया है, जो आमतौर पर 10 से 15 वर्ष की आयु में शुरू होती है. इसे यौवन की शुरुआत भी कह सकते हैं. मासिक धर्म (Menstruation) के दौरान महिलाओं या लड़कियों को तेज दर्द (Pain) के साथ ब्लीडिंग (Bleeding) होती है. मासिक धर्म प्रत्येक माह निश्चित अवधि के आसपास आता है. यह निश्चित अवधि 21 से 35 दिन तक हो सकती है. अगर यह समय कम ज्यादा हो जाए, तो इसे अनियमित मासिक धर्म कहा जाता है. पीरियड्स की शुरुआत के बाद उम्र के हर पड़ाव में कुछ बदलावों का सामना करना पड़ता है. आइये जानते हैं 20वें, 30वें और 40वें दशक में पीरियड्स में क्या बदलाव होते हैं.

उम्र के 20वें वर्ष में

पीरियड्स शुरू होने के शुरुआती कुछ वर्षों में, कुछ हद तक अनियमित होना असामान्य नहीं है, लेकिन जब उम्र के 20वें वर्ष में प्रवेश करते हैं तो हार्मोन को थोड़ा स्थिर होना चाहिए, जिसका मतलब है कि आप पीरियड्स का पूर्वानुमान लगा सकते हैं. वास्तव में, कई महिलाओं को इसका अंदाजा लग जाता है कब तक उनका पीरियड शुरू हो जाएगा. फिर भी यदि पीरियड हर बार थोड़े समय में देरी से आता है तो परेशान नहीं होनी चाहिए. जिन महिलाओं का पीरियड्स समय पर आता है, उनके चक्र में भी कभी-कभी बदलाव हो सकता है. चूंकि 20वें वर्ष का पड़ाव वह समय है जब लड़कियां को कई कारणों से तनाव होता है. तनाव के कारण एनोव्यूलेशन हो सकता है जिसका मतलब है कि शरीर हर महीने अंडा रिलीज नहीं करता है. इसके कारण पीरियड्स या तो देरी से आते हैं या मिस हो जाते हैं. एक आखिरी बदलाव जो 20वें वर्ष के दौरान आ सकता है, वह है हार्मोनल परिवर्तन जो गर्भनिरोधक गोलियों के कारण होते हैं. कुछ महिलाएं अपने 20वें दशक में स्वस्थ यौन जीवन की शुरुआत करती हैं और ऐसे में वह हार्मोनल गर्भनिरोधक का भी विकल्प चुनती हैं. इससे पीरियड्स में बदलाव हो सकता है. myUpchar के अनुसार, अधिकांश महिलाओं को पीरियड्स शुरू होने से पहले संकेत महसूस होने लगते हैं जैसे पेट दर्द, स्तनों में सूजन, स्तन में दर्द, पीठ दर्द आदि। इन्हें प्रीमेन्स्ट्रुअल सिंड्रोम कहा जाता है.उम्र के 30वें वर्ष में

यह वह उम्र है जब पीरियड्स नियमित रूप से होते हैं और इसमें सामान्य से भारी प्रवाह हो सकता है. इसके लिए चिकित्सा की जरूरत हो सकती है. उम्र के 30वें पड़ाव में एंडोमेट्रियोसिस और फाइब्रॉइड के मामले भी सामान्य हैं. एक और बड़ा बदलाव जो इस दौरान हो सकता है, वह प्रसव से संबंधित है. जिन महिलाओं में 30वें दशक में बच्चे होते हैं, उनमें गर्भावस्था पूरी तरह से महिला के मासिक धर्म चक्र को बदल सकती है. पीरियड्स का स्तनपान से भी गहरा संबंध है. स्तनपान कराने वाली महिलाओं को तब तक पीरियड्स नहीं आते, जब तक कि वह शिशु को दूध पिलाना कम या बंद न कर दें.

उम्र के 40वें के दशक में

यह वह समय है जब पीरियड्स बंद होने की ओर बढ़ रहा होता है. इस दौरान पीरियड्स की अनियमितताएं, पीरियड्स मिस होना, पीरियड्स के बीच स्पॉटिंग होने जैसे संकेत मिल सकते हैं. इस समय के दौरान ‘प्रीमेंट्रुअल सिंड्रोम’ (पीएमएस) के लक्षण खराब हो सकते हैं, जो कि मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति परिवर्तनों के साथ आ सकते हैं. इस उम्र के पड़ाव में मूड स्विंग्स, हॉट फ्लैश, रात को पसीने की शिकायत हो सकती है. myUpchar के अनुसार, पीरियड्स में अनियमितता अधिक है, तो समय रहते डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, मासिक धर्म पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.

अस्वीकरण : इस लेख में दी गयी जानकारी कुछ खास स्वास्थ्य स्थितियों और उनके संभावित उपचार के संबंध में शैक्षणिक उद्देश्यों के लिए है। यह किसी योग्य और लाइसेंस प्राप्त चिकित्सक द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवा, जांच, निदान और इलाज का विकल्प नहीं है। यदि आप, आपका बच्चा या कोई करीबी ऐसी किसी स्वास्थ्य समस्या का सामना कर रहा है, जिसके बारे में यहां बताया गया है तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें। यहां पर दी गयी जानकारी का उपयोग किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या या बीमारी के निदान या उपचार के लिए बिना विशेषज्ञ की सलाह के ना करें। यदि आप ऐसा करते हैं तो ऐसी स्थिति में आपको होने वाले किसी भी तरह से संभावित नुकसान के लिए ना तो myUpchar और ना ही News18 जिम्मेदार होगा।



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