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स्वास्थ्य

आंखों का रोग है यूवाइटिस, जानें इसके लक्षण, कारण और इलाज

यूवाइटिस (Uveitis) आंखों से संबंधित रोग है. इस बीमारी में आंख (Eyes) की बीच वाली परत में सूजन व लालिमा आ जाती है. आंख में मौजूद इस परत को यूविया कहते हैं और यही कारण है कि इस बीमारी को यूवाइटिस के नाम से जाना जाता है. यूविया आमतौर पर आइरिस, कोरोइड और सिलिअरी से मिलकर बना होता है. कोरोराइड रेटिना की गहरी परतों तक रक्त पहुंचाने का काम करता है. इस बीमारी में मरीज को आंखों में तेज दर्द होता है. कई बार मरीज को आंख से पानी आना व धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.

कई प्रकार का होता है यूवाइटिस

यूवाइटिस कई प्रकार का हो सकता है. आंख के किस हिस्से में सूजन व लालिमा है, इस आधार पर डॉक्टर इलाज निर्धारित करते हैं. आंख के अगले हिस्से में जब सूजन होती है तो उसे एंटीरियर यूवाइटिस कहा जाता है. वहीं, जब आंख के बीच वाले हिस्सा प्रभावित होता है तो इसे इंटरमीडिएट यूवाइटिस कहते हैं और जब आंख के पिछले हिस्से में सूजन या लालिमा होती है तो इसे पोस्टीरियर यूवाइटिस के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा एक पैन यूवाइटिस भी होता है, जो आंख के लिए सबसे गंभीर स्थिति होती है.यूवाइटिस के लक्षण

यूवाइटिस के कुछ मामलों में किसी प्रकार के लक्षण महसूस नहीं होते हैं, लेकिन कुछ लोगों में देखने संबंधी समस्याएं या धुंधला दिखने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं. इसके अलावा कुछ मरीजों में प्रकाश के प्रति संवेदनशीलता भी देखने को मिल सकती है. इसके अन्य लक्षणों में आंख में दर्द होना, लाल होना, तेज सिर दर्द होना, आंख के अंदर गांठ बनना और आइरिस के रंग में बदलाव भी शामिल है. गौरतलब है कि आंख शरीर का सबसे नाजुक अंग है. ऐसे में यदि आपको आंखों में थोड़ी सी भी तकलीफ हो, तो तत्काल डॉक्टर के पास जाकर जांच करा लें क्योंकि जल्दी ट्रीटमेंट शुरू कर देने से स्थिति को बदतर होने से बचाया जा सकता है.

इस कारण से होती है यूवाइटिस की समस्या

यूवाइटिस का मुख्य कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है. इसके लक्षण स्वस्थ लोगों में ज्यादा देखने को मिलते हैं. आमतौर पर यह माना जाता है कि यह बीमारी स्व प्रतिरक्षित रोगों, संक्रमण और आंख में चोट लगने आदि वजह से होती है. स्व प्रतिरक्षित रोग से मतलब है कि जब शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली शरीर के स्वस्थ ऊतकों को नुकसान पहुंचाने लगती है. रूमेटाइड आर्थराइटिस, एंकिलोजिंग स्पॉन्डिलाइटिस, सोरायसिस, अल्सरेटिव कोलाइटिस, कावासाकी रोग, क्रोन रोग, सारकॉइडोसिस, वायरस या बैक्टीरिया से होने वाले कुछ संक्रमण भी यूवाइटिस का कारण बन सकते हैं. इसके अलावा एचआईवी एड्स, हर्पीज, सिफलिस, टीबी जैसे रोग भी यूवाइटिस का कारण हो सकते हैं.

यूवाइटिस का इलाज

ज्यादातर मामलों में यूवाइटिस का इलाज आई ड्रॉप दवाओं से होता है. यूवाइटिस जिस बीमारी की वजह से होता है, जब वह बीमारी ठीक हो जाती है तो यह भी अपने आप ठीक हो जाता है। इसके लक्षण धीरे-धीरे ठीक होने लगते हैं। यूवाइटिस के इलाज का फोकस आंख में सूजन व लालिमा को कम करना है. इसके अलावा वायरेक्टॉमी की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है, जिसमें सर्जिकल प्रक्रिया की मदद से आंख के विटेरस को हटा दिया जाता है. हालांकि इस प्रक्रिया से गुजरने वाले मरीजों की संख्या काफी कम है, क्योंकि यह गंभीर मामलों में ही की जाती है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, यूवाइटिस पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है.  myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



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