गर्भनिरोधक गोलियों का असर न केवल महिलाओं के सेहत पर पड़ता है बल्कि इससे उनकी सेक्शुअल लाइफ भी बुरी तरह से प्रभावित हो सकती है.
स्वास्थ्य

अधिक मात्रा में गर्भनिरोधक गोलियों का न करें सेवन, महिलाएं जरूर जान लें ये बात

असुरक्षित संभोग (Unsafe Sex) के बाद आपातकालीन गर्भनिरोधक गोलियां (Contraceptive Pills) महिलाओं को गर्भावस्था रोकने का एक मौका जरूरत देता है, लेकिन इसके साथ ही दुष्प्रभाव (Side Effects) भी लेकर आता है. अनचाहे गर्भ से बचने के लिए यह आसान तरीका जरूर है, लेकिन नियमित रूप से इसे लेते रहने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है. इन गोलियों का नियमित सेवन हार्मोन असंतुलन का कारण बन सकता है. इन गोलियों को लेने से पहले भी डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है. बिना सोचे समझे इन गोलियों को लेना सेहत के लिए जोखिम भरा हो सकता है.

किशोरियों के लिए खतरा

myUpchar से जुड़े डॉ. विशाल मकवाना का कहना है कि 25-45 साल की आयु की महिलाओं का इन गोलियों को लेना तो भी ठीक है लेकिन अगर किशोरियों ने इसका इस्तेमाल बार-बार किया तो उनकी प्रजनन प्रणाली गड़बड़ा सकती है और इसके विकास को बाधित कर सकती है. उन युवा लड़कियों का गोलियां लेना जिनका हार्मोन का स्तर अभी स्थिर नहीं हुआ है, बड़ा जोखिम है. ऐसी लड़कियां एंडोमेट्रियोसिस, पॉलिसिस्टिक ओवरी डिसीज जैसी समस्याओं की शिकार हो सकती हैं. साथ ही उनमें एक्टोपिक प्रेगनेंसी यानी अस्थानिक गर्भधारण की शिकायत भी हो सकती है. यह ऐसी स्थिति है, जिसमें निषेचित अंडा गर्भाशय के अलावा गर्भाशय से जुड़ने की बजाए अधिकतर फैलियोपिन ट्यूब में जुड़ जाता है. यह अंडाशय में भी हो सकता है. एक्टोपिक गर्भावस्था के दौरान जब फैलोरियन ट्यूब में खिंचाव बढ़ जाता है तो यह टूट जाती है. इससे आंतरिक रक्तस्त्राव, संक्रमण और कभी-कभी मृत्यु भी हो जाती है.सिर दर्द, उल्टी की शिकायत

इसके अलावा इन गोलियों के नियमित सेवन से अनियमित माहवारी के कारण बांझपन, कामेच्छा में कमी, त्वचा की एलर्जी जैसी समस्याएं भी पैदा हो जाती हैं. इन गोलियों के सेवन से स्तन में सूजन की शिकायत हो सकती है. ये गोलियां शरीर में एस्ट्रोजन के स्तर को कम करने में मुख्य भूमिका निभाती हैं, जिससे सिर दर्द की दिक्कत शुरू हो जाती है. कुछ मामलों में तो उल्टी, मितली, पेट दर्द, चक्कर आना आदि शिकायतें रहती हैं.

मूड स्विंग

इन गोलियों में मौजूद सिंथेटिक हार्मोन की वजह से मूड स्विंग की परेशानी होती है. उनमें चिड़चिड़ापन ज्यादा बढ़ जाता है. कई रिसर्च में सामने आया है कि इन गोलियों के सेवन से मानसिक रूप से महिला स्वास्थ्य को खतरे में डाल देती है और साथ ही रिश्तों में भी नकारात्मकता आती है.

वजन बढ़ना

इन गोलियों के नियमित सेवन से कुछ महिलाओं में वजन बढ़ने की आशंका भी होती है. इन गोलियों के सेवन से शरीर के अलग-अलग हिस्सों में फ्लूइट रिटेंशन बढ़ जाता है, जिससे वजन पर नियंत्रण नहीं रहता है.

हाई बीपी है तो न लें गोली

आपातकालीन गर्भ निरोधक में लेवोनोरगेस्ट्रल होता है, जिससे किसी महिला को एलर्जी हो सकती है. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना गोली नहीं लेनी चाहिए. साथ ही इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि किसी बीमारी से पीड़ित होने और उसके लिए कुछ दवा ले रहे हों तो गोली लेने से पहले डॉक्टर से परामर्श करें. जिन महिलाओं को हाई बीपी की शिकायत है, उन्हें इन गोलियों का सेवन नहीं करना चाहिए. गर्भनिरोधक गोलियों का लगातार सेवन हार्ट अटैक, स्ट्रोक और खून के थक्के जमने जैसी समस्या का खतरा बढ़ा सकता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, गर्भनिरोधक गोलियों का उपयोग, फायदे और नुकसान पढ़ें. न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *