जिन लोगों को माइग्रेन (Migraine) की समस्या है, वह नियमित रूप से अदरक (Ginger), तुलसी (Tulsi) और पुदीने (Mint) का काढ़ा लेते रहें.
स्वास्थ्य

अदरक, पुदीना, तुलसी दिलाते हैं माइग्रेन से मुक्ति, जानें कैसे करें इस्तेमाल

तुलसी (Tulsi), अदरक (Ginger) और पुदीना (Mint) तीनों ही बेहद गुणकारी आयुर्वेदिक औषधियां (Ayurvedic Medicines) हैं. यह तीनों एंटी-बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती हैं. यह संक्रमण से बचाव में मदद करते हैं. तुलसी, अदरक और पुदीना इन तीनों के इस्तेमाल से कई शारीरिक समस्याएं ठीक हो सकती हैं. आइए जानते हैं इसके फायदे और प्रयोग के बारे में.

सर्दी जुकाम की असरदार औषधि

myUpchar के अनुसार, मौसम में बदलाव के कारण सर्दी-जुकाम होना आम बात है. इससे छुटकारा पाने के लिए अदरक, तुलसी और पुदीने का काढ़ा लाभदायक होता है. तुलसी की पत्ते से बने काढ़े में चुटकी भर सेंधा नमक मिलाकर, पीने से जुकाम जल्द ही ठीक हो जाता है.माइग्रेन में कारगर

जिन लोगों को माइग्रेन की समस्या है, वह नियमित रूप से अदरक, तुलसी और पुदीने का काढ़ा लेते रहें. इसके अतिरिक्त रोज दिनभर में 4 से 5 बार तुलसी की 6-7 पत्तियां चबाने से भी माइग्रेन की समस्या में राहत मिलती है. अदरक, तुलसी और पुदीना शरीर की मांसपेशियों को तनाव रहित बनाने में भी असरदार हैं.

चेहरे की चमक बढ़ाए तुलसी

तुलसी से चेहरे की सुंदरता में निखार आता है. तुलसी की पत्तियों का रस निकालें​ फिर बराबर मात्रा में नींबू का रस मिलाकर रात को सोने से पहले चेहरे पर लगाने से चेहरे की झाइयां दूर होती हैं और चेहरे के फोड़े-फुंसी भी ठीक हो जाते हैं. तुलसी में एंटी-ऑक्सीडेंट भरपूर होता है, जिससे शरीर डिटॉक्स होता है, जिससे तुलसी के सेवन से त्वचा पर निखार आता है.

आलस्य दूर करती है पुदीने की चाय

बारिश में ठंडा मौसम होने की वजह से पुदीने की चाय बेहतर औषधि है. इस मौसम में पाचन की समस्या बहुत अधिक होती है, ऐसे में पुदीना फायदेमंद हो सकती है. इसके अतिरिक्त यह आलस्य को दूर कर शरीर मे ऊर्जा लाता है.

दिल की बीमारी में फायदेमंद तुलसी

जिन्हें दिल की बीमारी है या जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, उन्हें रोज तुलसी के रस का सेवन करना चाहिए. तुलसी और हल्दी के पानी का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है. हल्दी एंटी बैक्टीरियल गुणों से भरपूर होती है और खून को साफ करने का काम करती है, जिससे दिल का स्वास्थ्य बेहतर रहता है.

डिप्रेशन दूर करें तुलसी की चाय

myUpchar के अनुसार, तुलसी को जड़ी बूटियों की रानी कहा जाता है और यह जीवन के लिए अमृत समान है. तुलसी में एंटी बायोटिक गुण होने के कारण इसकी चाय डिप्रेशन दूर करने में काफी सहायक होती है. तुलसी की चाय तैयार करने के लिए तुलसी के पत्ते, अदरक और काली मिर्च का इस्तेमाल करें. गरमा-गरम तुलसी की चाय पीने से नर्व सिस्टम को आराम मिलता है, जिससे डिप्रेशन दूर होता है.अधिक जानकारी के लिए हमारा आर्टिकल, तुलसी के फायदे और नुकसान पढ़ें.न्यूज18 पर स्वास्थ्य संबंधी लेख myUpchar.com द्वारा लिखे जाते हैं. सत्यापित स्वास्थ्य संबंधी खबरों के लिए myUpchar देश का सबसे पहला और बड़ा स्त्रोत है. myUpchar में शोधकर्ता और पत्रकार, डॉक्टरों के साथ मिलकर आपके लिए स्वास्थ्य से जुड़ी सभी जानकारियां लेकर आते हैं.



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *